देश-दुनिया में कोरोना का खतरा, US में एक हफ्ते में 44% बढ़ा मौतों का आंकड़ा

द ब्लाट न्यूज़ चीन में कोरोना के मामले बढ़ने के साथ ही भारत, जापान और अमेरिका जैसे देशों में भी नई लहर का खतरा मंडराने लगा है। US सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (CDC) के मुताबिक, मरीजों की संख्या बढ़ रही है। जब से कोविड महामारी शुरू हुई है, तब से यह चौथी बार ऐसा हुआ जब हॉस्पिटल में भर्ती होने वालों का आंकड़ा इस लेवल पर पहुंचा है।

 

 

इनमें ज्यादातर मरीजों की उम्र 65 साल से ज्यादा है। पिछले एक हफ्ते में मौतों का आंकड़ा 44% बढ़ा है। अमेरिका में 29 दिसंबर से 4 जनवरी तक 2,705 लोगों की मौत हुई। वहीं, 5 जनवरी से 11 जनवरी तक 3,907 लोगों की मौत हुई।

‘द गार्डियन’ की रिपोर्ट के मुताबिक, एक्सपर्ट्स का कहना है कि अमेरिका में ऑमिक्रॉन के नए वैरिएंट XBB.1.5 खतरा बढ़ता जा रहा है लेकिन लोग इसे गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। उत्तर-पूर्वी राज्यों में XBB.1.5 वैरिएंट के 80% मामले हैं।

इधर, जापान टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, रविवार (15 जनवरी) को 1 लाख 8 हजार 281 मामले दर्ज किए गए। राजधानी टोक्यो में 10,727 मामले सामने आए। मौत का कुल आंकड़ा 415 रहा। 672 नए लोग अस्पताल में भर्ती हुए। एक्सपर्ट्स का कहना है कि जापान में 15 जनवरी के बाद कोरोना के मामलों में उछाल आ सकता है।

चीनी मूल के अमेरिकी हेल्थ ​​​एक्सपर्ट एरिक फेगल डिंग का कहना है कि XBB.1.5 पिछले BQ.1 वैरिएंट से 120 गुना ज्यादा तेजी से फैलाता है। डिंग ने कहा है कि XBB.1.5 कोरोना का एक सुपर वैरिएंट है। BQ.1 जितने लोगों को 26 दिन में संक्रमित कर रहा था XBB.1.5 उतने लोगों को 17 दिन के भीतर संक्रमित कर रहा है।

भारत में कोरोना की स्थिति
भारत में शुक्रवार को 104 नए मामले सामने आए। हेल्थ मिनिस्ट्री के आंकड़ों के मुताबिक, देश में अभी 1,176 एक्टिव केस हैं। कोरोना के शुरुआती दौर से अब तक देश में 5 लाख से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है।

WHO ने जारी की नई गाइडलाइन
WHO ने नई गाइडलाइन जारी की है। इसके मुताबिक, जिन मरीजों में संक्रमण के लक्षण मिले हैं, वो 10 दिनों के लिए आइसोलेशन में रहें। इसमें मास्क पहनने पर भी जोर दिया गया है। इसके पहले भी WHO ने लंबी यात्रा करने वाले यात्रियों से मास्क पहनने के लिए कहा था।

WHO ने चीन से फिर मांगा डेटा 
चीन ने 14 जनवरी को पहली बार कोरोना से हुई मौतों का आंकड़ा जारी किया। इसके मुताबिक, 8 दिसंबर से 12 जनवरी तक चीन में 60 हजार लोगों की जान गई। इसके बाद अब वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइडेशन (WHO) ने और डेटा मांगा है। कोरोना को बेहतर ढंग से समझने के लिए और इसके ओरिजन से जुड़ी जानकारी के लिए चीन से डेटा मांगा गया है। चीन के वुहान में ही कोरोना का पहला मामला सामने आया था।

कोरोना worldometer के मुताबिक, दुनिया में अब तक 67 करोड़ 13 लाख 20 हजार 754 मामले सामने आ चुके हैं। 11 जनवरी 2020 को चीन के वुहान में 61 साल के बुजुर्ग की मौत हुई थी। ये दुनिया में कोरोना से होने वाली पहली मौत थी। इसके बाद मौत का सिलसिला बढ़ने लगा। अब तक 67 लाख 30 हजार 360 मौतें हो चुकी हैं।

इन देशों ने चीन के यात्रियों पर लगाया प्रतिबंध
चीन से आने वाले यात्रियों पर स्वीडन, जर्मनी, मलेशिया, कतर, बेल्जियम, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, मोरक्को, फ्रांस, ब्रिटेन, स्पेन, अमेरिका, जापान, इजराइल, भारत, इटली और साउथ कोरिया ने प्रतिबंध लगाए हैं। यहां चीन से आने वाले यात्रियों को नेगेटिव कोरोना रिपोर्ट दिखानी होगी। मोरक्को ने तो चीन के यात्रियों को बैन ही कर दिया है। ताइवान ने भी चीन से आने वालों के लिए कोविड टेस्टिंग कंपलसरी की है। पाकिस्तान और फिलीपींस भी मॉनिटरिंग कर रहे हैं। थाईलैंड और न्यूजीलैंड ने कोई भी प्रतिबंध लगाने से मना कर दिया है।

चीन में कोरोना से हालात बेकाबू हो चुके हैं। HK पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, दिसंबर के शुरुआती तीन हफ्ते में ही यहां 25 करोड़ लोग कोरोना से संक्रमित हो गए हैं। यह आबादी का 18% है। चीन में संक्रमण के हालात 2020 की याद दिला रहे हैं। तब से अब तक शी जिनपिंग सरकार ने इससे निपटने के लिए सख्त नियम लागू किए। जीरो कोविड पॉलिसी लाई गई। बेहद सख्त लॉकडाउन लगते रहे। तमाम दावों और वादों के बावजूद कोरोना कंट्रोल नहीं किया जा सका।

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