पश्चिम बंगाल : पुष्पांजलि रस्म के साथ दुर्गा अष्टमी की शुरुआत, बारिश के बीच हो रही कुमारी पूजा

 

 

द ब्लाट न्यूज़ पश्चिम बंगाल में सोमवार को ‘पुष्पांजलि’ के साथ दुर्गा महाष्टमी की शुरुआत हुई। इस अवसर पर राज्यभर के पंडालों में बारिश के बावजूद लोग देवी दुर्गा के दर्शन के लिए कतारों में खड़े हैं।

 

 

कोविड-19 की वजह से करीब दो साल से सार्वजनिक दुर्गा पूजा कार्यक्रम प्रभावित था। हालांकि, इस साल बड़ी संख्या में लोग सार्वजनिक पंडालों में देवी को पुष्प अर्पित करने के लिए खड़े नजर आ रहे हैं।

 

परंपरा के मुताबिक, हावड़ा स्थित रामकृष्ण मिशन के बेलूर मठ में कुमारी पूजा का आयोजन किया गया।

 

पहली बार कुछ पूजा पंडालों में पुष्पांजलि की रस्म संस्कृत के बजाय बांग्ला भाषा में मंत्रोच्चारण के बीच हुई। यह पहल मातृभाषा को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से की गई। बांग्ला भाषा में मंत्रोच्चारण के बीच पुष्पांजलि अर्पित करने वाले पूजा पंडालों में कालीघाट का 66 पल्ली, बेहाला क्लब, दम दम तरुण दल,उल्टाडांगा विधान संघ और 47 पल्ली जुबक ब्रिंदा शामिल हैं।

 

संस्कृत विद्वान नरसिंह प्रसाद भादुड़ी, भाषा विज्ञानी पवित्रा सरकार और गत 60 साल से दुर्गा पूजा का अनुष्ठान करा रहे कालीप्रसन्ना भट्टाचार्य ने इन मंत्रों का संस्कृत से बांग्ला में अनुवाद किया है।

 

बांग्ला भाषा में अनुवादित मंत्रों की प्रति पूजा समितियों में वितरित की गई थी।

 

चार दिनों के दुर्गा पूजा उत्सव के दूसरे दिन महाष्टमी होती है और इस दौरान पुष्पांजलि और संधि पूजा को महत्वपूर्ण माना जाता है।

 

मौसम कार्यालय के मुताबिक, उत्तर पश्चिम बंगाल की खाड़ी में तूफान की स्थिति होने की वजह से तटीय जिलों दक्षिण 24 परगना, पूर्वी मिदनापुर और पश्चिम मिदनापुर जिलों में मंगलवार को सुबह तक बारिश का पूर्वानुमान है। कोलकाता के कुछ स्थानों और आसपास के इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है।

 

मौसम विभाग ने दार्जीलिंग और कलिमपोंग सहित उत्तरी बंगाल के सभी जिलों में बुधवार को सुबह तक भारी बारिश होने का पूर्वानुमान लगाया है।

 

 

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