द ब्लाट न्यूज़ । अमेरिका और जर्मनी ने जलवायु परिवर्तन की चुनौती से निपटने के प्रयासों के तहत जीवाश्म ईंधनों पर निर्भरता कम करने और नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में आपसी सहयोग को बढ़ाने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।
दोनों देशों ने शुक्रवार को इस समझौते पर हस्ताक्षर किए जिसके तहत दोनों देश मिलकर ऐसी प्रौद्योगिकियों को विकसित करेंगे जो अक्षय ऊर्जा पर निर्भरता को बढ़ावा देंगी, विशेष रूप से पवन ऊर्जा, शून्य-उत्सर्जन वाहनों और हाइड्रोजन के क्षेत्र में।
अमेरिका और जर्मनी ने दुनिया भर में जलवायु नीतियों और ऊर्जा सुरक्षा को बढ़ावा देने पर भी सहयोग करने का संकल्प लिया।
जलवायु परिवर्तन के मामलों पर अमेरिका के दूत जॉन कैरी ने कहा कि दोनों देश मिलकर अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में रोजगार और कारोबार के नए अवसर पैदा कर इसका लाभ उठाने की कोशिश करेंगे।
जर्मनी के ऊर्जा और जलवायु मंत्री रॉबर्ट हेबेक ने कहा कि यह समझौता जलवायु परिवर्तन की चुनौती से निपटने के दोनों देशों के प्रयासों को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि वैज्ञानिकों के मुताबिक अगर 2015 के पेरिस जलवायु समझौते में निर्धारित लक्ष्यों को पूरा करना है तो इस दशक में दुनिया भर में उत्सर्जन में भारी कटौती की जरूरत है।