अलीगढ़: महंत योगी कौशलनाथ ने सुनाया फरमान मंदिर में नहीं घुसेगा कोई मुसलमान,दीवारों पर पोस्टर चस्पा, हिंदुओं के लिए ड्रेस कोड लागू

द ब्लाट न्यूज़ महानगर के थाना गांधीपार्क इलाके के दिल्ली अलीगढ़ कानपुर स्थित पांच सौ वर्ष पुराने ऐतिहासिक श्री गिलहराज मंदिर के महंत योगी कौशलनाथ ने फरमान जारी करते हुए मुस्लिम महिला और पुरुषों के मंदिर में प्रवेश को प्रतिबंधित किया है। इतना ही नहीं मंदिर परिसर में कटी-फटी जींस ओर अमर्यादित कपड़े पहन कर आने हिंदू भक्तों के लिए भी ड्रेस कोड जारी किया गया है।

 

 

इसके लिए बाकायदा मंदिर के मुख्य द्वार की दीवार पर नोटिस चस्पा किया गया है। मंदिर की दीवारों पर चस्पा के किए गए पोस्टरों पर लिखा है कि “मंदिर परिसर में मुस्लिमों का प्रवेश वर्जित है” इसके साथ ही दूसरे चस्पा हुए नोटिस पर लिखा है कि हिंदू भक्तों से निवेदन है कि मंदिर परिसर में ड्रेस कोड का पालन करें। साथ ही महंत योगी कौशलनाथ ने मंदिर में शालीन व मर्यादित कपड़े पहनकर आने वाले भक्तों को ही प्रवेश देने की बात कही। जिसका एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

आपको बता दें कि देशभर में श्री राम भक्त हनुमान जी के कई मंदिर हैं, जहां भगवान के विभिन्न रूपों की पूजा अर्चना होती है. लेकिन अलीगढ़ के थाना गांधी पार्क क्षेत्र के अचल ताल के पास हनुमान जी का गिलहरी के रूप में कई 100 वर्ष पुराना एक मंदिर स्थापित है। बताया जाता है कि महाभारत काल में श्री कृष्ण के भाई दाऊ जी ने अलीगढ़ पहुंचकर अचल ताल पर पूजा की थी। वहीं अचल ताल के मंदिर में गिलहरी के रूप का हनुमान जी की एक आंख दिखाई देती है. गांधी पार्क थाना इलाके में स्थित इस ऐतिहासिक प्राचीन गिलहराज मंदिर में मंगलवार को भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं और पूजा अर्चना करते हैं। माना जाता है यहां भक्तों के सभी दुखों का नाश होता है साथ ही जीवन में सुख में और खुशहाली आती है।

वहीं मंदिर पर पूजा अर्चना करने पहुंचे भक्त राधेश्याम गुप्ता ने बताया कि गिलहराज मंदिर में 10 साल की उम्र से लगातार पूजा अर्चना करने के लिए आ रहे है। वहीं मंदिर के जो बड़े महंत थे उनके जमाने से उसके पिता भी मंदिर आते थे। इसके साथ ही राधेश्याम ने बताया कि उस समय अलीगढ़ शहर के अंदर लाइट भी नहीं थी। इसके साथ ही मंदिर परिसर के बाहर दीवारों पर चस्पा किए गए पोस्टर को लेकर कहा कि वह उसका समर्थन करते हैं,ओर हिंदुओं को इस बात का पालन करना चाहिए कि कटे फटे कपड़े की जगह सही ढंग से कपड़े पहनकर मंदिर में प्रवेश किया जाए।जबकि मुसलमानों का प्रवेश तो मंदिर में पहले से ही प्रतिबंध है,ओर वह लोग वैसे भी मंदिरों में नहीं आते हैं. अगर कोई चोरी के उद्देश्य से आता है तो वह अलग विषय है, जो पोस्टर मुस्लिमों के प्रवेश वर्जित ओर हिंदुओं के ड्रेस कोड को लेकर दीवारों पर चस्पा किए हैं वह बिल्कुल सही है।

वह इस मामले पर मंदिर के महंत योगी कौशलनाथ का कहना है कि मंदिर कमेटी की तरह से निर्णय लिया गया है कि मंदिर में आने वाले गैर हिंदू को पूजा के लिए प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। वहीं पिछले दिनों त्रियंबकेश्वर मंदिर में कुछ मुस्लिमों के प्रवेश कर लेने के बाद एसआईटी गठित की गई है। उन्होंने कहा चूंकि मंदिर में मुस्लिम पूजा करने के उद्देश्य से नहीं आते हैं, और उनका इसके पीछे जरूर कोई न कोई तो उद्देश्य रहा होगा। जो जांच एजेंसियां ही तय कर पाएंगी। इसी के मद्देनजर अलीगढ़ में ऐसी कोई घटना न घटे इसको देखते हुए मंदिर में मुस्लिम महिलाओं समेत पुरुषों के आने से रोक लगाने का निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि कुछ भक्तों की शिकायत थी कि मंदिर में कुछ भक्त अमर्यादित कटे-फटे वस्त्र, जींस पैंट, हाफ पेंट आदि पहनकर आते हैं।इसको लेकर महंत योगी कौशलनाथ ने साफ किया है कि मंदिर में शालीन कपड़े पहनकर आने वाले हिंदू भक्तों को ही प्रवेश दिया जाएगा। छोटे कपड़े, कटी-फटी जींस, हाफ पैंट आदि कपड़ों को पहनकर आने वालों को मंदिर में पूजा-अर्चना करने से रोक दिया जाएगा।

इसके साथ ही महंत योगी कौशलनाथ ने कहा कि उनके द्वारा मंदिर के मुख्य द्वार के बाहर दीवारों पर चस्पा किए गए पोस्टरों पर लिखा गया है कि मुस्लिम महिला और पुरुषों का मंदिर में प्रवेश निषेध हैं और इसके साथ ही सभी हिंदू श्रद्धालुओं के लिए मर्यादित कपड़े पहन कर मंदिर परिसर में आए इसके लिए भी अलग से ड्रेस कोड जारी किया गया हैं। इसमें मंदिर में शालीन व मर्यादित कपड़े पहनकर आने वाले भक्तों को ही प्रवेश देने की बात कही है। इसके साथ ही उन्होंने इन पोस्टरों की जगह पर दूसरे बड़े पोस्टर, बैनर तैयार कराकर मंदिर के बाहर लगाए जाने की बात कही है।

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