लखनऊ। राज्य अपराध अभिलेख ब्यूरो, लखनऊ से जारी एक महत्वपूर्ण आदेश में अपराध संबंधी आंकड़ों की जानकारी उपलब्ध कराने को लेकर निर्देश दिए गए हैं। पत्र संख्या 475/05(245आरटीआई)/2025 दिनांक 31 जुलाई 2025 के संदर्भ में यह आदेश जारी किया गया है।
आवेदक जसप्रीत सिंह वाधवा द्वारा आरटीआई के तहत पूछे गए प्रश्नों में यह जानना चाहा गया था कि पिछले पाँच वर्षों में उत्तर प्रदेश में कितने दो पहिया और चार पहिया वाहन चोरी हुए हैं। साथ ही, यह भी पूछा गया था कि उत्तर प्रदेश में पिछले पांच वर्षों पर दोपहिया व चारपहिया वाहन चोरी हुए संख्या में और कितने वाहन बरामद हुए है।
पत्र में स्पष्ट किया गया है कि पिछले पाँच वर्षों में कमिश्नरेट लखनऊ क्षेत्र में कुल 4173 दो पहिया वाहन चोरी हुए है और203 चार पहिया वाहन चोरी हुए हैं है। हालांकि, पूरे उत्तर प्रदेश के सभी जिलों से संबंधित बिंदु-2 व 3 की सूचना डीजीसीआरबी कार्यालय में उपलब्ध नहीं है और इस हेतु संबंधित जिलों से आंकड़े संकलित करने की आवश्यकता होगी।
इस आदेश के माध्यम से यह साफ हुआ कि राज्य स्तर पर अपराध संबंधी विस्तृत और सटीक जानकारी जुटाना अभी भी एक चुनौती है, खासकर जब यह मामला जिलावार अपराधों के आंकड़ों का हो। आरटीआई अधिनियम-2005 के तहत आम नागरिकों द्वारा पूछे गए सवाल शासन-प्रशासन को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने में मददगार साबित हो रहे हैं।
यह आदेश 30 अगस्त 2025 को प्राप्त किया गया, जिस पर संबंधित अधिकारी द्वारा हस्ताक्षर कर प्राप्ति की पुष्टि भी की गई। मामला वाहन चोरी जैसे संवेदनशील अपराधों से जुड़ा है, जो आम लोगों की सुरक्षा और कानून व्यवस्था से सीधे तौर पर संबंध रखता है।