नई दिल्ली । कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) मई के अंत या जून 2025 की शुरुआत तक एक बड़ा बदलाव करने जा रहा है। इस नए बदलाव के साथ ईपीएफओ के सदस्य यूपीआई और एटीएम के जरिए तत्काल अपना भविष्य निधि (पीएफ) निकाल सकेंगे।
इस अपडेट के साथ कर्मचारियों को अब अपनी पीएफ बचत तक पहुंचने के लिए लंबी और समय लेने वाली प्रक्रियाओं से नहीं गुजरना पड़ेगा।
इस पहल को श्रम और रोजगार मंत्रालय के सहयोग से क्रियान्वित किया जा रहा है और इसे भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) से मंजूरी मिल गई है।
इस कदम से देशभर के लाखों ईपीएफओ सदस्यों को पहले से बेहतर सुविधा मिलने की उम्मीद है।
श्रम और रोजगार मंत्रालय की सचिव सुमिता डावरा ने कहा कि कर्मचारी तत्काल 1 लाख रुपये तक निकाल सकेंगे।
उन्होंने बताया कि सदस्य सीधे यूपीआई प्लेटफॉर्म पर अपना पीएफ बैलेंस भी देख सकेंगे और बिना किसी देरी के अपने पसंदीदा बैंक खातों में फंड ट्रांसफर कर सकेंगे।
इससे कर्मचारियों के लिए जरूरत के समय अपने पैसे तक पहुंच आसान हो जाएगी।
वर्तमान में, पीएफ फंड निकालने के लिए ऑनलाइन क्लेम जमा करने और अप्रूवल की प्रतीक्षा करने की जरूरत होती है, जिसमें कई दिन या सप्ताह भी लग सकते हैं।
यूपीआई इंटीग्रेशन के साथ, निकासी तत्काल और परेशानी मुक्त हो जाएगी।
कर्मचारी न केवल जल्दी से धन निकालने में सक्षम होंगे, बल्कि अपने शेष राशि की जांच भी कर सकेंगे और तुरंत लेनदेन भी कर सकेंगे।
इसके अलावा, ईपीएफओ अपने सदस्यों के लिए पीएफ बचत निकालने के कारणों में भी विस्तार कर रहा है।
चिकित्सा आपात स्थितियों के अलावा, कर्मचारी अब आवास, शिक्षा और विवाह के लिए धन निकाल सकेंगे।
डावरा ने कहा, “ईपीएफओ ने 120 से अधिक डेटाबेस को इंटीग्रेट कर अपने डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़ा सुधार किया है। इन प्रयासों ने क्लेम प्रोसेसिंग समय को केवल तीन दिनों तक कम कर दिया है, अब 95 प्रतिशत क्लेम ऑटोमेटिकली प्रोसेस हो रहे हैं। सिस्टम को अधिक कुशल बनाने के लिए आगे के अपग्रेड पर काम चल रहा है।