नई दिल्ली। 26 साल के लंबे इंतजार के बाद, बीजेपी ने दिल्ली की सत्ता पर अपना परचम लहरा दिया है। अब सबसे बड़ा सवाल ये है कि दिल्ली का मुख्यमंत्री कौन होगा? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का इशारा इस बार पूर्वांचल की ओर दिखता है, और दिल्ली के सिंहासन के लिए 7 चेहरे चर्चा में हैं।
1. प्रवेश वर्मा : युवा चेहरा और प्रभावशाली नेता
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री साहिब सिंह वर्मा के बेटे प्रवेश वर्मा न केवल पार्टी, मोदी-शाह के भरोसेमंद हैं, बल्कि उनका जमीनी पकड़ और प्रभावशाली छवि उन्हें सबसे आगे रखती है। पूर्वांचल और युवा वोट बैंक में उनकी मजबूत पकड़ उन्हें CM पद के लिए मुख्य दावेदार बनाती है।
2. विजय गोयल : अनुभवी और दिल्ली से जुड़ाव
विजय गोयल दिल्ली की राजनीति में एक बड़ा नाम हैं। उनकी संगठनात्मक क्षमता और अनुभव उन्हें रेस में बनाए हुए हैं।
3. मीनाक्षी लेखी : महिला नेतृत्व का विकल्प
मीनाक्षी लेखी महिला सशक्तिकरण का चेहरा बन सकती हैं। दिल्ली की जटिल राजनीति में उनकी साफ छवि और भाषण शैली उन्हें एक मजबूत दावेदार बनाती है।
4. मनोज तिवारी : पूर्वांचल का दमदार चेहरा
दिल्ली की बड़ी पूर्वांचल आबादी को साधने के लिए मनोज तिवारी एक आदर्श चेहरा हो सकते हैं। उनकी लोकप्रिया छवि और जनमानस के बीच गहरी पैठ उन्हें दौड़ में बनाए हुए हैं।
5. हरदीप सिंह पुरी : प्रशासनिक अनुभव का फायदा
केंद्रीय मंत्री और पूर्व राजनयिक हरदीप सिंह पुरी के पास दिल्ली के विकास को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक अनुभव है। उनकी शहरी योजनाओं की समझ उन्हें एक संभावित उम्मीदवार बनाती है।
6. कपिल मिश्रा : फायरब्रांड नेता
AAP से बीजेपी में आए कपिल मिश्रा की आक्रामक शैली और जुझारू छवि उन्हें एक संभावित विकल्प बनाती है।
मोदी का पूर्वांचल कार्ड :
प्रधानमंत्री मोदी का इशारा इस बार पूर्वांचल की ओर है, जो दिल्ली के 40% से ज्यादा वोटरों पर प्रभाव डालता है। प्रवेश वर्मा और मनोज तिवारी जैसे नेता इस समीकरण को साधने में फिट बैठते हैं।