Kanpur Digtal Desk: उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा है कि विकसित भारत–जी राम जी अधिनियम के माध्यम से विकसित भारत, विकसित उत्तर प्रदेश और विकसित गांवों का एक सशक्त रोडमैप तैयार किया गया है। यह अधिनियम ग्रामीण भारत की तस्वीर बदलने वाला साबित होगा और देश की लगभग 70 प्रतिशत ग्रामीण आबादी के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
रोजगार के दिनों की गारंटी 25 दिन बढ़ाकर 125 दिन कर दी गई
मंगलवार को चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, कानपुर नगर में प्रेस प्रतिनिधियों से वार्ता करते हुए उपमुख्यमंत्री ने बताया कि इस अधिनियम के तहत ग्रामीण श्रमिकों को मिलने वाले रोजगार के दिनों की गारंटी पहले की तुलना में 25 दिन बढ़ाकर 125 दिन कर दी गई है। इससे ग्रामीण श्रमिकों को न केवल अधिक रोजगार मिलेगा, बल्कि उन्हें सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर भी प्राप्त होगा।
अब गांव की गलियों को हाईवे की तर्ज पर विकसित किया जाएगा
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि गांवों की गलियां ग्रामीणों के लिए हाईवे के समान होती हैं। इसी सोच के तहत अब गांव की गलियों को हाईवे की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। साथ ही विकास के मापदंडों के आधार पर ग्राम पंचायतों को ए, बी और सी कैटेगरी में विभाजित किया जाएगा, जिससे सभी गांवों को समान विकास के अवसर मिल सकें। गांवों की बेहतर और वैज्ञानिक योजना के लिए पीएम गति शक्ति, जीआईएस और अन्य आधुनिक आईटी टूल्स का उपयोग किया जाएगा।
भ्रष्टाचार मुक्त भारत की दिशा में भी एक प्रभावी कदम
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि इस अधिनियम के अंतर्गत जॉब कार्ड अब तीन वर्षों के लिए बनाए जाएंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में तैयार किया गया यह अधिनियम भ्रष्टाचार मुक्त भारत की दिशा में भी एक प्रभावी कदम है। इससे गांवों का आधारभूत ढांचा मजबूत और सुदृढ़ होगा तथा ग्रामीण क्षेत्रों में पारदर्शिता बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि पहले रोजगार की कमी के कारण ग्रामीण श्रमिकों को पलायन करना पड़ता था, लेकिन अब उन्हें अपने गांव में ही स्थायी रोजगार उपलब्ध होगा। इससे सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित होगी और श्रमिकों को काम के साथ सम्मान भी मिलेगा।
‘मनरेगा में पहले से कार्यरत कर्मचारियों को इस अधिनियम में हटाया नहीं जाएगा’
यह अधिनियम विकसित भारत की संकल्पना को साकार करने की दिशा में एक स्थायी और महत्वपूर्ण कदम है, जो ग्रामीण विकास के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगा।
श्री मौर्य ने यह भी स्पष्ट किया कि इस अधिनियम में किसी भी एनजीओ की भूमिका नहीं होगी। प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए भी इसके तहत विशेष कार्य कराए जाने की व्यवस्था की गई है। मनरेगा में पहले से कार्यरत कर्मचारियों को इस अधिनियम में हटाया नहीं जाएगा। श्रमिकों के पारिश्रमिक के साप्ताहिक भुगतान की व्यवस्था भी की गई है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।
भारत को आत्मनिर्भर और आधुनिक बनाने की दिशा में विकसित भारत–जी राम जी एक क्रांतिकारी कदम है
उन्होंने बताया कि पहले स्कूलों में केवल बाउंड्री वॉल बनवाने की अनुमति थी, लेकिन अब किचन शेड, प्रयोगशाला जैसे कार्य भी कराए जा सकेंगे। इस अधिनियम में बायोमेट्रिक प्रणाली, जीआईएस आधारित मोबाइल एप और फेस रीडिंग जैसी आधुनिक डिजिटल तकनीकों का उपयोग किया जाएगा।
अंत में उपमुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर और आधुनिक बनाने की दिशा में विकसित भारत–जी राम जी अधिनियम एक क्रांतिकारी कदम है, जो देश के श्रमिकों और किसानों के हित में दूरगामी परिणाम लेकर आएगा।
रिपोर्ट : जसप्रीत सिंह वाधवा
Edited By: Rishabh Tiwari