सुलतानपुर। एक साल से फरार हत्यारोपी भाजपा नेताओं संग गुलदस्ता थामे मुस्कुराता दिख रहा है, और पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी है। जनपद में कानून व्यवस्था का आईना उस वक्त सामने आ जाता है, जब दिनदहाड़े हत्या का मुख्य आरोपी एक साल बाद भी खुलेआम घूमता है वो भी सत्ताधारी पार्टी के नेताओं के साथ फोटो खिंचवाते हुए। संतराम अग्रहरि हत्याकांड का कथित मुख्य आरोपी अर्जुन पटेल भाजपा नेताओं की गोद में बैठा नजर आ रहा है, लेकिन सुलतानपुर पुलिस की नजरों से कोसों दूर। एक ओर आम आदमी पर पुलिसिया कहर, तो दूसरी ओर तथाकथित भाजपा नेताओं पर रहम। क्या यही है डबल इंजन सरकार की कानून व्यवस्था? दिनदहाड़े अंडा व्यवसायी संतराम अग्रहरि की निर्मम हत्या के बाद परिजनों ने जब शव का अंतिम संस्कार करने से इनकार किया था, तब प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए थे। मंत्री-विधायक पहुंचे, भरोसे दिए गए, कहा गया अपराधी चाहे जो हो, बख्शा नहीं जाएगा। लेकिन एक साल बीतने के बाद भी वही अपराधी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। मामला तब और शर्मनाक हो गया जब आरोपी प्रदीप वर्मा खुलेआम अपने घर पहुंचा और इसकी सूचना खुद मृतक के बेटे ने थाना प्रभारी को दी। आरोप है कि थाना प्रभारी का जवाब था कि गिरफ्तारी के लिए कोर्ट से आदेश लाओ। यानी अब हत्या के आरोपी को पकड़ने के लिए भी पीड़ित परिवार को न्यायालयों के चक्कर काटने होंगे? सवाल यह है कि जब आरोपी खुलेआम घूम रहा है तो गिरफ्तारी क्यों नहीं? क्या राजनीतिक रसूख अब कानून से ऊपर हो गया है? थाना प्रभारी अनिरुद्ध सिंह पर पुलिस कप्तान की मेहरबानी कब तक? आखिर कब घोषित होगा इनाम, या वो भी सिर्फ आम अपराधियों के लिए है? यह मामला अब सिर्फ एक परिवार की पीड़ा नहीं, बल्कि सुलतानपुर की कानून व्यवस्था की पोस्टमार्टम रिपोर्ट बन चुका है। जहां आरोपी बेखौफ, पीड़ित बेहाल और पुलिस बेबस नजर आ रही है। अगर यही कानून का राज है, तो फिर सवाल उठना लाज़मी है कि सरकार चला कौन रहा है कानून या कनेक्शन?
ठन्ड को लेकर सीएमओ ने जारी की एडवाइजरी
सुलतानपुर। शीतलहर के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने आमजन से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. भरत भूषण ने बताया कि अत्यधिक ठंड के कारण हाइपोथर्मिया, हृदय रोग और अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। इसे ध्यान में रखते हुए विभाग की ओर से जनहित में विस्तृत एडवाइजरी जारी की गई है।
एडवाइजरी के अनुसार ठंड से बचाव के लिए एक भारी कपड़े के बजाय कई परतों में ढीले और गर्म कपड़े पहनने चाहिए। सिर, हाथ और कान को ढकने के लिए टोपी, दस्ताने और मफलर का प्रयोग अनिवार्य बताया गया है। शरीर का तापमान संतुलित रखने के लिए ताजा, गर्म और पौष्टिक भोजन करें। साथ ही पर्याप्त पानी पिएं और सूप, चाय, दूध जैसे गुनगुने तरल पदार्थों को आहार में शामिल करें। छोटे बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और पुरानी बीमारियों से ग्रसित लोगों का विशेष ख्याल रखने पर जोर दिया गया है। यदि किसी व्यक्ति में अत्यधिक कपकपी, सुस्ती, भ्रम या बोलने में कठिनाई जैसे लक्षण दिखाई दें, तो यह हाइपोथर्मिया के संकेत हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करने की सलाह दी गई है। स्वास्थ्य विभाग ने चेताया है कि कमरे में उचित वेंटिलेशन अवश्य रखें, ताकि कार्बन मोनोआक्साइड जैसी जहरीली गैस का जमाव न हो। शराब के सेवन से बचने की भी सलाह दी गई है, क्योंकि यह शरीर को गर्म रखने की भ्रांति पैदा करती है और वास्तव में शरीर का तापमान कम कर देती है। लोगों को लंबे समय तक ठंड के सीधे संपर्क में रहने से बचने की हिदायत दी गई है। प्रातःकाल और देर रात जब ठंड अधिक होती है, तब अनावश्यक रूप से बाहर न निकलें। यदि बाहर जाना जरूरी हो तो पूरी सुरक्षा के साथ ही जाएं। भीगे कपड़े तुरंत बदलने की सलाह दी गई है, क्योंकि वे शरीर की गर्मी तेजी से कम करते हैं। एडवाइजरी में यह भी कहा गया है कि शीत ऋतु में धूम्रपान हृदय और फेफड़ों पर अतिरिक्त दबाव डालता है, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। किसी भी आपातकालीन स्थिति में निःशुल्क एम्बुलेंस सेवा 108 या 102 पर तत्काल कॉल करने के निर्देश दिए गए हैं।