हनीट्रैप केस, माय होम मामले में जीतू सोनी के सह आरोपी ने की आत्महत्या

इंदौर में चर्चित होटल माय होम केस में आरोपी और जीतू सोनी के करीबी रहे नरेंद्र रघुवंशी ने मंगलवार को आत्महत्या कर ली। रघुवंशी सुदामा नगर स्थित अपने घर पर फंदे में लटके मिले। उन्होंने एक सुसाइड नोट भी छोड़ा है, जिसमें पुलिस-प्रशासन द्वारा की गई कार्रवाई के कारण जान देने की बात लिखी। साथ ही मौत के बाद अंग दान करने को भी कहा है। रघुवंशी पिछले दिनों वृद्ध पिता के स्वास्थ्य को लेकर पैरोल पर सेंट्रल जेल से बाहर आए थे। आज पैरोल खत्म हो रही थी। फिलहाल पुलिस पूरे ममाले में जांच की बात कह रही है लेकिन मृतक के बेटे ने आरोप लगाए है कि पुलिस प्रशासन की गलत कार्यवाही से उसके पिता ने आत्महत्या की है।चर्चित होटल माय होम केस में आरोपी और जीतू सोनी के करीबी रहे नरेंद्र रघुवंशी ने आज अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली रघुवंशी के पास से पुलिस को एक सुसाइड नोट बरामद किया है, जिसमें उन्होंने लिखा कि- मैं अपनी मर्जी से जान दे रहा हूं। इसमें मेरे परिवार का कोई दोष नहीं है। पुलिस-प्रशासन द्वारा मेरे खिलाफ जो कार्रवाई की गई, उससे मेरी प्रतिष्ठा धूमिल हुई है। उसी बात को लेकर मैं जान दे रहा हूं। मेरे मरने के बाद आंख, दिल, किडनी, लीवर किसी जरूरतमंद को दे देना। मृतक पिछले 9 महीने से जेल में बंद था और अभी दो महीने पहले ही पैरोल पर छुटा था। बता दे की हनी ट्रैप मामला सामने आने के बाद 30 नवंबर 2019 की रात जीतू सोनी के खिलाफ प्रशासन द्वारा कार्रवाई की शुरुआत की गई थी। पुलिस और प्रशासन की टीम ने सोनी के गीता भवन स्थित माय होम होटल पर छापा मारा और यहां से 67 युवतियों को बरामद किया। इसके बाद पलासिया थाने में जीतू और अन्य के खिलाफ मानव तस्करी और प्रिवेंशन ऑफ इम्पोरल ट्रैफिकिंग एक्ट(पीटा) के तहत प्रकरण दर्ज किया गया था। इसके बाद नगर निगम ने जीतू के अवैध बने होटल सहित कई संपत्तियों को जमींदोज कर दिया था। 28 जून 2020 को आरोपी जीतू सोनी को पुलिस ने गुजरात के राजकोट से गिरफ्तार किया था और उसके पहले जीतू सोनी के साथी नरेंद्र रघुवंशी को पुलिस ने गिरफ्तार जेल भेज दिया गया था।

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