करतहा के अनसंकारी की सातवे दिन भी डॉक्टर के अलावा कोई नही पहुचा सुध लेने , डॉक्टर के अनुसार अनसन पर बैठे रामभुव नट की तबियत ठीक नही ,

 

मैंहर। आज दिनांक 26 अक्टूबर दिन सोमवार को ग्राम करतहा में 3 सूत्रीय मांगों को लेकर आमरण अनशन पर बैठे जिसमे अनशन कारी रामभुवन नट का आज सत्व दिन केवल स्वास्थ्य परीक्षण करने मैहर सरकारी अस्पताल के डाक्टर आशीष श्रीवास्तव पहुँचे और जॉच पड़ताल करने के बाद बताया कि वीपी और शुगर लेबल घटता जा रहा है,कमजोरी ज्यादा आ गई है,शीघ्र ही अस्पताल में भर्ती करने की सलाह दी गई है ,परन्तु अनशन कारीयो ने अस्पताल जाने से मना कर दिया गया है स्थानीय लोगो ने गरीबों की मॉगों को पूरा कराने के लिये अडे़ हुये हैं, उनका कहना है ,जब तक भूमिहीन हरिजन आदिवासियों को जमीन के साथ कृषि एवं आवासिय पट्टे नहीं दिये जायेंगे एवम करोना काल में किया गया जुर्माना जब तक माफ नहीं किया जायेगा,और जंगल विभाग के उपद्रवी कर्मी जिसने मंदिर में तोड़ फोड़ किया है उसके खिलाफ कार्यवाही नहीं होगी? अनशन नहीं टूटेगा भले ही प्राण गवाना पडे़ , वैसे मीडिया द्वारा जब अनशनकारी रामभुवन नट से बात करने को कोशिश को गई लेकिन बोलने की स्थिति निहि थी जिसमे स्थानीय लोगो द्वारा अपनी पीड़ा बताई गई जिसमें सबसे ज्यादा वन विभाग के डिप्टी रेंजर हरिहर तिवारी पर पडताड़ना का आरोप लगाए , वही सूत्रों की माने तो डिप्टी रेंजर हरिहर तिवारी अपने सगे संबंधियों को लाभ पहुचाने के लिए वर्षो से रह रहे आदिवासियों को हटा कर अपने नाथ रिस्तेदारो को बसाना चाहते है, यही नही साजिश कर कई लोगो को जेल की हवा भी खिला दी गई जिससे त्रस्त होकर सभी आदिवासी रामभुवन नट के साथ अनसन पर डटे हुए है और शाशन व प्रसाशन से न्याय की गुहार लगाने के लिए आमरण अनसन पर बैठे है आज सातवे दिन तक कोई भी स्थानीय जिम्मेदार अधिकारी सुध लेने नहीं पहुचा ऐसे में सवाल ये उठता है कि क्या कोई अनहोनी होने के बाद ही अधिकारी नींद से उठेंगे।

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