आत्मरक्षा का अधिकार का उपयोग या दुरूपयोग उस समय की स्थिति और हालातों पर ही निर्भर: डॉ नसीमउश्शान खान

 

शाहजहांपुर (आनन्दमोहन पाण्डेय) महाविद्यालयो में अध्ययनरत छात्राओं को ऑफलाइन के साथ ही साथ ऑनलाइन मार्शल आर्ट प्रशिक्षण बालिकाओं की सुरक्षा हेतु चलाये जा रहे मिशन शक्ति कार्यक्रम लगातार आठवें दिन मनीषी ताइक्वांडो वेलफेयर एसोसिएशन उ.प्र. के महासचिव व अंतर्राष्ट्रीय ताइक्वांडो मास्टर डॉ पुनीत मनीषी के निर्देशन में प्रशिक्षण जारी रहा।
इस अवसर पर जीएफ कॉलेज महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ नसीमउश्शान खान ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि आत्मरक्षा के अधिकार के तहत व्यक्ति अपने प्राणों के बचाव के लिए किसी भी हद तक जा सकता हैं, यहाँ तक कि उसे जीवन के खतरे को पैदा करने वाले को समाप्त करने का हक भी हैं.। आत्मरक्षा का अधिकार का उपयोग या दुरूपयोग उस समय की स्थिति और हालातों पर ही निर्भर करता हैं।
इस अवसर पर अंतर्राष्ट्रीय ताइक्वांडो मास्टर डॉ पुनीत मनीषी ने प्रशिक्षण देते हुए कहा प्रत्येक व्यक्ति को चाहिए कि वो स्वयं की रक्षा के तरीकों को जानकर स्वयं को इतना योग्य बनाए कि विकट हालातों में वह अपने जीवन का बचाव कर पाए। संविधान प्रदत्त स्वयंरक्षा के अधिकार के गलत प्रयोग न करते हुए इसे जीवन उपयोगी बनाए रखने का प्रयत्न करना चाहिए। यदि हमें जीवन के खतरे का पूर्व आभास हो तो प्रशासन से सुरक्षा की मांग करनी चाहिए तथा उनके द्वारा दी गई सुरक्षा कवच का उपयोग करना चाहिए। हमारे जीवन की रक्षा का दायित्व हमारे हाथ में हैं अतः प्रत्येक भाई बहन सबल बने तथा आत्मरक्षा की शिक्षा पाए जिससे निडर व बेखौफ होकर जीवन को जीया जा सके।
आज के कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रीय सेवा योजना की कार्यक्रम अधिकारी डॉ.कहकशा बेगम ने किया।
इस अवसर पर डिस्टिक नोडल ऑफीसर एनएसएस
डॉक्टर शबाना साजिद, नोडल इंचार्ज मिशन शक्ति कायर्क्रम प्राचार्या राजकीय इंटर कॉलेज, तिलहर डॉ.शहला नुसरत किदवई, कार्यक्रम अधिकारी डॉ. मोहम्मद तारिक, रेंजर इंचार्ज डॉ.समन ज़हरा जै़दी, रोवर्स इंचार्ज डॉ.काशिफ़ नईम, एनसीसी इंचार्ज डॉ. इमरान खान के साथ अंतर्राष्ट्रीय ताइक्वांडो खिलाड़ी ऐशान्या मनीषी, नेहा, रेखा कश्यप, निधि यादव, फि़ज़ा, आलिया, शिवांगी इत्यादि छात्राओं ने ऑफलाइन प्रशिक्षण में सहयोग किया व जनपद की तमाम छात्र- छात्राओं ने कार्यक्रम में ऑनलाइन प्रतिभाग किया।

blat