जिले में 37 अनुसूचित जाति वर्ग के एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के 4 प्रकरण में स्वीकृति जारी की गई

 

कलेक्टर श्री सुभाष कुमार द्विवेदी की अध्यक्षता में कलेक्टर कक्ष में अनुसूचित जाति, जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम तथा भारत सरकार की अधिसूचना के अनुसार जिला स्तरीय सतर्कता एवं मानीटरिंग समिति की बैठक आयोजित की गई।

कलेक्टर श्री द्विवेदी ने बैठक में अनुसचित जाति, जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के विभिन्न उपबंधों के क्रियान्वयन की समीक्षा की। उन्होंने प्रभारी पुलिस अधीक्षक आ.जा.क. को निर्देशित किया कि सभी लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण कर राहत प्रकरण जिला संयोजक कार्यालय भिजवायें। साथ ही उन्होंने निर्देशित किया कि जाति प्रमाण पत्र एवं पास बुक के अभाव में लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण हेतु आवश्यक कार्यवाही की जाये। समीक्षा के दौरान अत्याचार से पीड़ित व्यक्तियों को वर्तमान तिमाही में घटित अपराध एवं राहत की जानकारी दी गई।

बैठक में बताया गया कि आलोच्य अवधि में अनुसूचित जाति के 40, अनुसूचित जनजाति वर्ग के एक सहित कुल 41 प्रकरण दर्ज हुए हैं। दर्ज प्रकरणों में से 22 अनुसूचित जाति वर्ग के प्रकरण पुलिस स्तर पर लंबित हैं। जिला कार्यालय में अनुसूचित जाति वर्ग के 12 एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के एक कुल 13 प्रकरण आलोच्य अवधि के लंबित पाये गये, जिन्हें बैठक में ही स्वीकृत करने का निर्णय लिया गया। बैठक में जिला कार्यालय में पूर्व के शेष मिलाकर कुल 37 अनुसूचित जाति वर्ग के प्रकरणों में 44.75 लाख रूपये एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के 4 प्रकरण में 3.75 लाख रूपये की स्वीकृति जारी की गई।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री पर्वतलाल अहिरवार, पुलिस अधीक्षक प्रतिनिधि अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री एमएल चौरसिया, निरीक्षक आ.जा.क. प्रतिनिधि पुलिस अधीक्षक श्री प्रतिपाल सिंह, श्री मोहनलाल वाल्मीक, अजाक्स अध्यक्ष श्री शोभाराम कुम्हार, पूर्व जिला पंचायत सदस्य श्री प्रेमलाल अहिरवार, प्रभारी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पीके माहौर, विशेष लोक अभियोजक श्री बलराम अहिरवार, प्रभारी जिला संयोजक एवं सदस्य/सचिव श्री श्री बृजेश त्रिपाठी सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
रिपोर्ट दित्यपाल राजपूत

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