• January 24, 2021

कुशीनगर में पराली जलाने की निगरानी सेटेलाईट से शुरू : मुख्य विकास अधिकारी ने ग्राम पंचायतों से पराली पर बैठकें करके जागरुकता पर दिया जोर

 कुशीनगर में पराली जलाने की निगरानी सेटेलाईट से शुरू : मुख्य विकास अधिकारी ने ग्राम पंचायतों से पराली पर बैठकें करके जागरुकता पर दिया जोर

 

कुशीनगर । उत्तर प्रदेश के कुशीनगर के मुख्य विकास अधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग ने जिलाधिकारी द्वारा दिये गये निर्देश के क्रम में बताया कि जनपद कुशीनगर में वर्तमान में धान की फसल तैयार है, जिसकी कटाई-मडाई का कार्य अधिकतर किसान कम्बाईन मशीन से कराकर उसके पराली को खेतों में ही जला देते है, जिससे पर्यावरण दूषित तथा पराली जलाने की घटना क्रम की निगरानी सेटेलाईट से की जा रही है। उन्होने बताया कि ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत, सचिव, लेखपाल, किसान सहायक, सफाई कर्मी, आशा/आगंनबाड़ी कार्यकत्री को निर्देशित किया है कि ग्राम पंचायत की बैठक बुलाना, बैठक में पराली जलाने होने वाले नुकसान/हानियों से संबंधित बिन्दुओ पर चर्चा करना। बैठक में कृषकों को अधिक मात्रा में बुलाया जाना। समय समय पर पराली न जलाने के संबंध में जन-जागरूकता लाना। पराली न जलाने पर उसका क्या करे के संबंध में समाधान चर्चा कराना। तथा प्रत्येक ग्राम पंचायत में दिनांक 17 अक्टूबर को बैठक आयोजित कर उक्त बिन्दुओं पर विस्तृत रूप से चर्चा की जाये वीडियों व आडियों के माध्यम से प्रचार-प्रसार के साथ अवगत कराये कि यदि किसी के द्वारा पराली जलायी जाती है, तो सम्बन्धित के विरूद्व निम्नानुसार अर्थदण्ड लगाते हुये प्रथम सूचना रिर्पोट दर्ज करायी जायेगी। तथा 02 एकड़ तक मु0- 1500.00 रूपये अर्थदण्ड। 02 से 05 एकड़ तक मु0 2500.00 रूपये अर्थदण्ड। 05 एकड़ से अधिक मु0- 15000.00 रूपये अर्थदण्ड है। उन्होने बताया कि उक्त पराली का स्थायी रूप से ग्राम प्रधान द्वारा स्वंय व्यवस्था कराये जाने हेतु निम्न व्यवस्था की गई है। पराली न जलाये, अगर पराली जलायी जाती है, तो उसकी निगरानी सेटेलाईट से की जा रही है, जिस पर सम्बन्धित किसान के विरूद्व एवं सम्बन्धित दोषियों के विरूद्व कार्यवाही की जायेगी। यदि पराली अधिक मात्रा में होने पर ग्राम प्रधान/सचिव/लेखपाल स्वंय उसे गोवंश आश्रय स्थल पर व्यवस्थित ढ़ग से भेजवाये और उसे संरक्षित कराये। उन्होने समस्त खण्ड विकास अधिकारी व समस्त सहायक विकास अधिकारी (पं0) को निर्देशित किया है कि प्रत्येक दशा में 17 अक्टूबर को प्रत्येक विकास खण्ड के सभी ग्राम पंचायतों में बैठक एवं प्रचार-प्रसार कराते हुये कृत कार्यवाही से अधोहस्ताक्षरी को अवगत कराये ! तथा प्रश्नगत प्रकरण अतिमहत्वपूर्ण है जिसमें कादिप लापरवाही ने की जाये। अन्यथा की दशा में आप स्वंय उत्तरदायी होगे। साथ जनपद स्तर पर कन्ट्रोल रूम विकास भवन में स्थापित किया गया है, जिस पर सूचना प्रत्येक दिवस उपलब्ध कराये


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