लखनऊ । प्रदेश की राजधानी लखनऊ के ऐशबाग स्थित झुग्गी झोपड़ियों में रविवार की देर रात को आग लगने से तकरीबन 15 परिवारों के आशियाने जलकर राख हो गये। सोमवार को अपने आशियाने को राख में तब्दील देखकर पीड़ित परिवार की आंखो से आसू रुक नहीं रहे हैं। अग्निकांड में उनकी गृहस्थी जल जाने से ऐसे में अब पीड़ितों के पास खाने को एक दाना नहीं है और पहनने के लिए एक-एक कपड़े को लेकर मोहताज हो चुके हैं। किससे मदद मांगे यह उन पीड़ित परिवारों को समझ में नहीं आ रहा है। हालांकि कानून मंत्री बृजेश पाठक ने पीड़ित परिवार को सरकार से हर संभव मदद करने का भरोसा दिलाया है। सूखे तालाब में बनायी थी झोपड़ी ऐशबाग स्थित रामलीला मैदान के पास करीब 40 साल पहले रहे इस सूखे तालाब पर लोग झुग्गी-झोपड़ी बनाकर रहने लगे थे। वर्तमान समय पर यहां करीब 300 से ज्यादा परिवार झोपड़ी बनाकर रह रहा था। कई वर्षों से मेहनत की पाई-पाई जोड़कर लोगों ने अपनी गृहस्थी बनाई थी। रविवार की देर रात को लगी आग ने इन गरीब परिवारों की पूरी गृहस्थी तबाह करके रख दी। दमकल कर्मियों ने किसी तरह आग को बुझाया। सोमवार की सुबह तक आग ठंडी होने पर जहां गरीबों का आशियाना हुआ करता था आज वह राख में तब्दील हो गया। यहां पर रहने वाले लोग उस राख में अपने बची गृहस्थी को तलाश रहे हैं। यह के लोग अपना परिवार लेकर खुले आसमान के नीचे आ गए हैं। उनके पास न पहनने के लिए कपड़े हैं और न ही खाने के लिए अनाज है। अब आगे का जीवनयापन कैसे होगा इसको लेकर लोग परेशान है। घर की महिलाओं के आंखों से आसू रुक नहीं रहे हैं। पीड़ितों का हालचाल लेने पहुंचे कानून मंत्री उत्तर प्रदेश सरकार में कानून मंत्री बृजेश पाठक ने पीड़ितों का हालचाल लिया। इस पर पीड़ित परिवार ने अपने परिवार की जीविकोपार्जन के लिए सरकार से मदद की गुहार लगाई है। कानून मंत्री ने भी उन्हें सरकार से मिलने वाली हर संभव मदद का आश्वासन दिया है। बोले सीएफओ आग लगने की जांच जारी सीएफओ विजय कुमार ने बताया कि ऐशबाग स्थित झोपड़ी में आग लगने की सूचना पर दमकल की गाड़िया मौके पर पहुंची थी। उनकी जानकारी के अनुसार दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग को काबू में कर लिया गया था। आग बुझाने में करीब 12 से अधिक दमकल की गाड़ियां लगी थी। आग कैसे लगी है इस मामले की जांच की जा रही है।


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