अमेठी: सात साल से अटका था विकास, ग्राम प्रधान ने की स्‍मृति ईरानी से शिकायत तो पहुंचे अधिकारी

 

स्मृति ईरानी का आदेश मिलते ही हरकत में आए डीएम और एसपी पूरे लाव लश्कर के साथ शनिवार को रेसी गांव पहुंचे जहां उन्होंने करीब 60 लाख रुपए की लागत से बन रहे इंटर लॉकिंग और मनरेगा के कार्यो का निरीक्षण किया।

अमेठी

केन्द्रीय मंत्री सांसद स्मृति ईरानी के संसदीय क्षेत्र अमेठी में सबसे विवादित गांव का निरीक्षण करने डीएम और एसपी शनिवार को रेसी गांव पहुंचे जहां उन्होंने गांव में हो रहे विकास कार्यो का जायजा लिया। अमेठी जनपद के जामो थाना क्षेत्र के रेसी गांव में पिछले 2013 से दबंगो के कारण गांव में विकास कार्य नहीं हो रहा था जिसकी शिकायत गांव की ग्राम प्रधान पार्वती देवी ने दिल्ली जाकर स्मृति ईरानी से की थी।

स्मृति ने पहले ग्राम प्रधान पार्वती की समस्याओं सुना और शीघ्रता से निदान का भरोसा दिलाते हुए मन की बात करते हुए विकास को लेकर लंबी चर्चा की और उसके बाद देश की सबसे बड़ी पंचायत संसद भवन दिखाने साथ लेकर गई। इसके बाद स्थानीय प्रसाशन को आदेश दिया कि गांव में विकास कार्य पूरे कराए जाएं। सांसद स्मृति ईरानी का आदेश मिलते ही हरकत में आए डीएम और एसपी पूरे लाव लश्कर के साथ शनिवार को रेसी गांव पहुंचे जहां उन्होंने करीब 60 लाख रुपए की लागत से बन रहे इंटर लॉकिंग और मनरेगा के कार्यो का निरीक्षण किया।
अमेठी डीएम अरुण कुमार ने बताया कि जामो विकास खण्ड के रेसी गांव में विकास कार्य नहीं हो रहा था और शिकायत मिल रही थी कि जो भी मजदूर काम करने आते थे वे चले जाते थे। मामला संज्ञान में आने के बाद पुलिस का सहयोग लेने के बाद काम को शुरू करवाया गया। अभी करीब 60 लाख रुपए के अधिक के विकास कार्य कराए जा रहे है, जिसकी मॉनिटरिंग मैं कर रहा हूं साथ ही जो विकास कार्य हुए थे उसे भी कराया जा रहा है। गांव में कुछ लोग थे जो विकास कार्यो को रोक रहे थे जिन्हें चिन्हित कर कार्रवाई की जा रही है। अमेठी पुलिस अधीक्षक दिनेश सिंह ने बताया कि इस गांव में जितने भी विवादित आदमी थे सबको चिन्हित कर कार्रवाई की जा रही है जो आगे भी जारी रहेगी।

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