भोपाल । मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के बाद शिवराज सरकार जल्द ही खेत सड़क योजना लेकर आ रही है, जिसमें कि हर खेत को मुख्यमार्ग से जोड़ा जाएगा। किसान को अपने खेत की फसल बेचने के लिए जो अभी सड़क के अभाव में कई ग्रामों में दिक्कतें आती हैं, इस योजना के शुरू हाते ही प्रदेशभर में उसे इससे निजात मिलना आरंभ हो जाएगा। इससे किसान अपनी मेहनत से उगाए उत्पादन को विक्रय के लिए आसानी से जहां चाहें वहां भेज सकेंगे। दरअसल, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को उक्त बात ग्रामीण विकास विभाग द्वारा निर्मित लगभग 13 हजार ग्रामीण सड़कों का वर्चुअल लोकार्पण करते हुए कही है। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वायपेयी को याद करते हुए अपनी बात प्रारंभ की और कहा कि वे देश के पहले नेता थे, जिन्होंने संकल्प लिया कि हर एक ग्राम को मुख्य सड़क से जोड़ना है और उसके बाद प्रधानमंत्री सड़क योजना साकार हुई। यह चमत्कार ही है कि इस योजना के तहत मध्य प्रदेश में कोरोना काल में भी बहुत श्रेष्ठ कार्य हुआ। जिन जिलों में विधानसभा के उपचुनाव हैं यदि उन जिलों को छोड़ भी दिया जाए तो प्रदेश के 33 जिलों में ग्रामीण विकास विभाग द्वारा लगभग 1359 किलोमीटर सड़कों का निर्माण किया गया है। 43 नए पुल बनाए गए हैं। प्रधानमंत्री मोदी भी इस दिशा में रुचि लेकर सड़कों के निर्माण के कार्यों को गति देने का कार्य कर रहे हैं। चौहान ने कहा कि सड़कों के साथ ही ग्रामों में आवास क्षेत्र में भी अधिकाधिक कार्य कर उपलब्धि प्राप्त करने का लक्ष्य है। उन्होंने कोरोना काल में बनी ग्रामीण सड़क कार्यों की सराहना करते हुए पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा निभाई गई सक्रिय भूमिका के लिए बधाई दी। चौहान ने कहा कि सड़कों के निर्माण से आम लोगों की जिन्दगी बदलती है। लोकार्पित सड़कों में उप चुनाव वाले जिलों की सड़कों को लोकार्पण कार्यक्रम में शामिल नहीं किया गया। कार्यक्रम में ग्राम पंचायतों, स्व-सहायता समूहों, ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने भागीदारी की। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि इसके बाद हमारा ”खेत सड़क योजना अभियान” चलाने का लक्ष्य है । जितनी अधिक किसानों को सुविधा मिलेगी, उतना ही प्रदेश आगे बढ़ेगा। शिवराज ने कहा कि यह मप्र के किसानों की ही मेहनत है जो आज गेहूं खरीदी में पंजाब को भी पीछे छोड़ दिया गया है। सरकार हर संभव अपने किसान भाइयों की मदद करने के लिए कृतसंकल्पित है। उन्होंने कहा कि हमने जीरो प्रतिशत पर फिर से ब्याज देना आरंभ कर दिया है, अब किसी किसान को रुपये के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। इसी के साथ उनका कहना यह भी था कि किसानों को बैंक द्वारा दिया बहुत बड़ा कर्ज राज्य शासन द्वारा अब तक वापस कर दिया गया है। कोरोना काल में प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने 4 हजार 120 किलो मीटर लंबी 12 हजार 960 ग्रामीण सड़कों का निर्माण करवा कर आपदा को अवसर में बदला। ग्रामीण विकास की विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत यह सड़कें 1359 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित हुई हैं। लोकार्पण वाले 33 जिलों में 4.83 लाख कार्यों में 46.39 लाख श्रमिकों को नियोजित किया गया। कुल 11.62 करोड़ मानव दिवस सृजित किए जा चुके हैं।


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