नई दिल्ली। दिल्ली उच्च न्यायालय ने गृह मंत्रालय से अभिभावकों की एक इकाई के उस अभिवेदन पर विचार करने को कहा है जिसमें यह निर्देश देने का आग्रह किया गया है कि विभिन्न विश्वविद्यालयों के अंतिम वर्ष के छात्रों को परीक्षाओं के दौरान हॉस्टलों या ‘पेइंग गेस्ट’ आवासों में ठहरने की अनुमति दी जाए जो कोविड-19 महामारी की वजह से बंद पड़े हैं। न्यायमूर्ति जयंतनाथ ने कहा कि अधिकारी याचिका को अभिवेदन के रूप में लें और कानून के अनुसार मुद्दे को निपटाएं। उन्होंने कहा, ‘‘उचित आदेश पारित किया जा सकता है और याचिकाकर्ता (अभिभावक इकाई) को अवगत कराया जा सकता है।’’ अदालत ने ‘तेलंगाना पैरंट्स फाउंडेशन’ के संस्थापक जुवादी सागर राव की याचिका का निपटारा करते हुए आदेश पारित किया। याचिका में गृह मंत्रालय, उच्च शिक्षा विभाग और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग को यह निर्देश दिए जाने का भी आग्रह किया गया कि अंतिम वर्ष की परीक्षा और प्रवेश परीक्षाएं इस तरह आयोजित की जाएं कि छात्रों को कोई परेशानी न हो। इसमें कहा गया कि कोविड-19 संबंधी प्रतिबंधों की वजह से सरकारी, निजी हॉस्टल और ‘पेइंग गेस्ट’ आवास बंद हैं और सरकारी विश्वविद्यालय संचालित कुछ हॉस्टल ही खुले हैं। याचिका में कहा गया कि इस वजह से विभिन्न विश्वविद्यालयों के अंतिम वर्ष के ऐसे छात्रों को काफी परेशानी हो रही है जो ग्रामीण क्षेत्रों से ताल्लुक रखते हैं या जो निजी हॉस्टलों तथा ‘पेइंग गेस्ट’ आवासों में रहते हैं। इसमें कहा गया कि क्योंकि उच्च शिक्षा विभाग/ विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के निर्देश पर विश्वविद्यालयों की परीक्षाएं सितंबर के अंत और अक्टूबर में होनी हैं, इसलिए अभिवेदन पर विचार किया जा सकता है और देश में अंतिम वर्ष के लाखों छात्रों के हित में अधिकारियों द्वारा उचित दिशा-निर्देश जारी किए जा सकते हैं। याचिका में कहा गया कि विभिन्न उच्च शिक्षण पाठ्यक्रमों के लिए प्रवेश परीक्षाएं भी होनी हैं और इनमें शामिल होने के लिए नगरीय क्षेत्रों में आवास की उपलब्धता न होने से बड़ी संख्या में छात्राएं परेशान हैं। इसमें कहा गया, ‘‘अब विभिन्न विश्वविद्यालयों ने परीक्षा कार्यक्रम जारी कर दिया है, ऐसे में कोविड-19 संबंधी परिस्थितियों के चलते अंतिम वर्ष के छात्रों के लिए आवास ढूंढ़ना कठिन हो गया है।’’ याचिका में आग्रह किया गया कि इन परिस्थितियों में अंतिम वर्ष के छात्रों के लिए सरकारी और निजी हॉस्टलों तथा ‘पेइंग गेस्ट’ आवासों को खोलने की अनुमति दी जानी चाहिए जिससे कि छात्र सभी सावधानियां बरतते हुए परीक्षा दे सकें।


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