कांग्रेस ने हाथरस मामले में एसआईटी की भूमिका पर उठाया सवाल

नई दिल्ली। सरकार द्वारा राज्य में निहित स्वार्थी लोगों पर साजिश करने का आरोप लगाए जाने के बाद कांग्रेस ने सोमवार को हाथरस मामले में एसआईटी और उत्तर प्रदेश पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए। इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए, कांग्रेस प्रवक्ता सुष्मिता देव ने उत्तर प्रदेश सरकार पर हमला बोलते हुए कहा, “मुख्यमंत्री को बचाने के लिए मामले के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है और फर्जी थ्योरी पेश की जा रही है।

कांग्रेस ने मुख्यमंत्री के इस्तीफे की अपनी मांग दोहराई है। सुष्मिता ने कहा, “एसआईटी का पदार्फाश हो गया है।” उन्होंने सवालिया लहजे में कहा, “एलआईटी वहां अपराध के बारे में जांच करने के लिए है या राज्य के मुख्यमंत्री को बचाने के लिए है। परिवार द्वारा कई सवाल उठाए गए हैं, जिनके जवाब नहीं मिले हैं।” कांग्रेस ने कहा, “अगर सीबीआई जांच का आदेश दिया गया है, तो एसआईटी वहां पर क्यों है। परिवार ने न्यायिक जांच की मांग की है। डीएम को कौन बचा रहा है?”

हाथरस मामले में, उत्तर प्रदेश सरकार ने रविवार को कहा है, “यह वास्तव में निहित स्वार्थी लोगों द्वारा योगी आदित्यनाथ सरकार के खिलाफ एक साजिश है। जांच में सरकार को बदनाम करने और जातीय हिंसा भड़काने की साजिश की सामने आने के बाद साइबर सेल ने एक प्राथमिकी दर्ज की है।”

एक सरकारी प्रवक्ता ने कहा, “सोशल मीडिया का इस्तेमाल साजिश करने और झूठी बातें फैलाने के लिए किया गया है और हमारे पास पीएफआई और एसडीपीआई जैसे संगठनों के शामिल होने का सबूत है। कुछ माफिया डॉन जिन्हें योगी सरकार द्वारा निशाना बनाया जा रहा है, वे वित्तीय मदद के जरिए इस अभियान का समर्थन कर रहे हैं।” उन्होंने कहा कि पीड़िता के साथ दुष्कर्म होने, उसकी जीभ काटे जाने और उत्पीड़न की अन्य झूठी खबरें इस साजिश का हिस्सा थीं, जिसके लिए सोशल मीडिया पर कुछ वेरिफाइड अकाउंट का इस्तेमाल किया गया था।

 

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