मुख्तार अंसारी के खास गुर्गे मेराज ने पुलिस चौकी में किया सरेंडर

वाराणसी। उत्तर प्रदेश के बाहुबली विधायक और माफिया सरगना मुख्तार अंसारी के गिरोह पर पुलिस ने सख्ती से शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। गिरोह के फरार सदस्य मुठभेड़ में मारे जाने या घायल होने के डर से अब खुद ही न्यायालय के अलावा पुलिस थानों में आत्म समर्पण करने लगे है। शनिवार को यह नजारा जैतपुरा थाना क्षेत्र के चौकी सरैया में दिखा। दोपहर में एक अधेड़ पुलिस चौकी में पहुंचा, जब तक पुलिस वाले उससे कुछ पाते उसने जोर से चिल्लाना शुरू कर दिया मैं ही मेराज अहमद पुत्र स्व. जलालुद्दीन हूं, मेरे खिलाफ कोई कार्यवाही न करिये, आत्मसमर्पण के लिए तैयार हूं। शोर सुनकर आसपास के लोग भी जुट गये। पुलिस ने मेराज को पहचान तुरन्त उसे हिरासत में लिया। चौकी प्रभारी मेराज के खिलाफ विधिक कार्यवाही में जुट गये। गौरतलब हो कि मुख्तार अंसारी के करीबी मेराज ने जैतपुरा थाने की फर्जी मोहर, उप निरीक्षक की रिपोर्ट व प्रभारी निरीक्षक द्वारा अग्रसारित करके अपने लाइसेन्सी असलहे .30 बोर पिस्टल का नवीनीकरण करा लिया था। जब जाँच हुई तो सारे तथ्य प्रकाश में आये। आरोपी ने ट्रेजरी चालान भी फर्जी लगाया था। इस मामले में एसएसपी के निर्देश पर मेराज अहमद उर्फ भाई मेराज के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसकी तलाश में जैतपुरा पुलिस जुट गई। पुलिस की सक्रियता देख मेराज अपने घर से फरार हो गया। इस मामले में पुलिस ने घेराबंदी करते हुए मेराज के पुलिस कर्मी भाई सेराज और एक अन्य रिश्तेदार को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के लगातार दबाब को देख मेराज ने आखिरकार पुलिस चौकी में सरेंडर कर दिया। एसपी सिटी विकास चंद्र त्रिपाठी के अनुसार मेराज से सम्बन्धित अब्दुल कलाम के नाम से भी 03 असलहों के लाइसेंस बने थे। जिनको जिला मजिस्ट्रेट वाराणसी द्वारा निलम्बित कर दिया गया, परन्तु निलम्बन के बाद भी असलहा जमा ना करने पर अब्दुल कलाम व मेराज के विरूद्ध मुकदमा पंजीकृत किया गया। जैतुपरा पुलिस ने आज मेराज के घर कुर्की की कार्यवाही के लिए न्यायालय में प्रार्थना पत्र भी दिया था। जिसको देखते हुए आरोपी मेराज ने आत्मसमर्पण कर दिया।

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