लखनऊ। शहरों में 5000 वर्ग मीटर से बड़े भवन वाले संस्थाओं को अब कूड़ा निस्तारण की स्वयं व्यवस्था करनी होगी। खासकर होटल, रेस्टोरेंट, स्कूल और कॉलेज वालों को यह व्यवस्था अनिवार्य रूप से अपने यहां लागू करनी होगी। प्रमुख सचिव नगर विकास दीपक कुमार ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है।केंद्र सरकार ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2016 में बल्क वेस्ट जनरेट यानी अधिक मात्रा में कूड़ा निकलने वाले संस्थानों द्वारा स्वयं से कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था करने की अनिवार्यता की है। उत्तर प्रदेश में अभी तक यह व्यवस्था लागू नहीं है। प्रमुख सचिव नगर विकास ने शासनादेश जारी करते हुए इसकी कापी सभी अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव और सचिव के साथ विभागाध्यक्षों, मंडलायुक्तों व जिलाधिकारियों को भेजा है।उन्होंने कहा है कि 5000 वर्ग मीटर से अधिक वाले केंद्र सरकार के कार्यालय, राज्य सरकार के कार्यालय, निजी क्षेत्र के कार्यालय, अस्पताल, नर्सिंग होम, स्कूल, कॉलेज, विश्वविवद्याय, होटल, व्यवसायिक संस्थान, मार्केट, वर्कशॉप, स्पोर्ट कांप्लेक्स या फिर इस तरह के किसी भी तरह के संस्थानों में अगर 100 किलो ग्राम से अधिक प्रतिदिन कूड़ा निकल रहा है, तो इसके लिए कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था अनिवार्य रूप से अपने यहां करनी होगी।इसके लिए वो कूड़े से खाद बनाने का प्लांट लगा सकते हैं या फिर कूड़ा का उपयोग दूसरे कामों में कर सकते हैं। निस्तारित होने वाले कूड़े से निकलने वाले कचरे को उठाने के एवज में ऐसे संस्थानों को निकायों को यूजर चार्ज देना होगा। प्रमुख सचिव ने कहा है कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली के आधार पर संस्थानों को कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था को तुरंत शुरू करना होगा।


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