मुंबई। सरकार एयर इंडिया को शून्य कर्ज के साथ बेचने के विकल्प पर विचार कर रही है। बोलीदाताओं का कहना है कि ऐसा होने पर इस विमानन कंपनी को बेहतर कीमत मिल सकती है क्योंकि करीब 5,000 करोड रुपये की वित्तीय लागत विमानन कंपनी की लागत से कम हो जाएगी। विमानन कंपनी के लिए संभावित बोलीदाताओं में से एक ने कहा, ‘विमानन कंपनी का कर्ज समाप्त हो जाने पर यह ज्यादा आकर्षक हो जाएगी क्योंकि उसके बाद इसका मूल्य आकलन आसान हो जाएगा।’ उन्होंने कहा कि भले ही कोरोनावायरस महामारी से दुनिया भर की विमानन कंपनियों के मूल्यांकन को चोट पहुंची है, यह विमानन कंपनी सरकार के लिए अच्छी बोली आकर्षित कर सकती है। वित्त वर्ष 2019 के लिए एयर इंडिया की वित्तीय लागत 4,896 करोड़ रुपये थी जिस पर 60,000 करोड़ रुपये का कर्ज था वहीं वित्त वर्ष 2018 में इसकी वित्तीय लागत 4,651 करोड़ रुपये थी। महामारी के प्रसार को रोकने के लिए सरकार की ओर से लगाए गए देशव्यापी लॉकडाउन के कारण वित्त वर्ष 2021 की जून तिमाही में एयर इंडिया को 2,570 करोड़ों का नुकसान हुआ था। पहले की योजना के मुताबिक 23,286 करोड़ रुपये का कर्ज एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस लिमिटेड के पास रहना था जबकि एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस लिमिटेड के बचे हुए कर्ज को एयर इंडिया असेट होल्डिंग्स को स्थानांतरित किया जाना था। कोरोनावायरस महामारी में संभावित बोलीदाताओं को लगे झटकों को देखते हुए सरकार के लेनदेन सलाहकार ने सुझाव दिया है कि इस विमानन कंपनी को शून्य कर्ज के साथ बेचा जाए। बोलीदाताओं ने कहा कि वित्त वर्ष 2020 के लिए ताजे वित्तीय आंकड़ों का नहीं आना एक अड़चन थी क्योंकि सभी अनुमान 2019 के वित्तीय आंकड़ों पर आधारित थे। टाटा के अलावा, अमेरिका स्थित एक फंड कंपनी और हिंदुजा ने पहले ही विमानन कंपनी को खरीदने में रुचि दिखाई थी। कोरोनावायरस महामारी के फैलने के तुरंत बाद पूरी दुनिया में बंदी शुरू हो गई, विभिन्न देशों ने विमानन कंपनियों को उड़ान भरने से रोक दिया। इसके कारण आज की तारीख में सालाना आधार पर सभी विमानन कंपनियों का मूल्यांकन आधा रह गया है। यूनाइटेड एयरलाइंस जिसका शेयर 90 डॉलर पर कारोबार कर रहा था फिलहाल 39 डॉलर पर कारोबार कर रहा है। इसी तरह लुफ्थांसा एजी 9 यूरो प्रति शेयर पर कारोबार कर रही है। कोरोनावायरस महामारी से पहले भी इसके शेयर की कीमत इतनी ही थी। सूचीबद्ध विमानन कंपनियों में इंडिगो का बाजार मूल्यांकन फिलहाल 50,548 करोड़ रुपये है जबकि बहुत छोटी कंपनी स्पाइसजेट का मूल्य आज 3,090 करोड़ रुपये रहा। एक संभावित बोलीदाता ने कहा, ‘वित्तीय आंकड़ों को ध्यान में रखने के अलावा हम वैश्विक और भारतीय कंपनियों को ध्यान में रखते हुए एयर इंडिया का मूल्यांकन करेंगे।’


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