किसानों को राजनैतिक मोहरा बना रही मोदी सरकार :-आशीष सिंह

हरदोई(लक्ष्मीकान्त पाठक) संगठन सृजन अभियान के अंतर्गत ब्लॉक् सुरसा की न्याय पँचायत-सुरसा में कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की गई। बैठक को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष आशीष कुमार सिंह ने कहा कि किसान विरोधी अध्यादेश लाकर मोदी सरकार अपने पूंजीपति मित्रों को फायदा पहुँचाना चाहती है।इस अध्यादेश के मुताबिक भंडारण सीमा हटा दी गयी है जिससे जमाखोरों की मौज रहेगी।किसानों का शोषण होगा।इससे किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य नहीं मिल पाएगा।मंडियों के अस्तित्व पर भी खतरा मंडराने लगेगा।इसमें किसान और उपभोक्ता दोनों को घाटा होगा जबकि पूंजीपतियों की मौज होगी।किसानों की खेती पर निजी कंपनियों का अधिकार होगा।खेत के मालिकाना हक पर भी खतरा बना रहेगा।देश के प्रधानमंत्री और कृषि मंत्री के पास एक इंच भी कृषि भूमि नहीं तो उन्हें किसानों की पीड़ा और परेशानियां क्या मालूम।

बैठक को संबोधित करते हुए जिला उपाध्यक्ष श्रीमती नेतम भारतीय ने कहा कि किसानों को गुलाम बनाने की बड़ी और गहरी साजिश है।इससे पहले भूमि अधिग्रहण बिल में भी संशोधन कर पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाने की कोशिश भाजपा सरकार कर चुकी है।तब माननीय राहुल गाँधी जी के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी ने इसका विरोध किया था और सरकार को संशोधन वापस लेना पड़े थे।

बैठक को संबोधित करते हुए जिला उपाध्यक्ष साधू सिंह ने कहा कि* इस किसान विरोधी अध्यादेश के खिलाफ देश के कोने कोने में किसानों ने विरोध प्रदर्शन किया।जिसे दबाने के लिए सरकार ने किसानों पर बर्बर लाठीचार्ज किया।पाँच पूंजीपति मित्रों के लिए मोदी सरकार देश के बासठ करोड़ किसानों को गुलाम बनाना चाहती है।इस अध्यादेश से सिर्फ किसान ही नहीं मंडियों में काम करने वाले करोडों मजदूरों, आढ़तियों, बिचौलियों, ट्रांसपोर्टरों, के भविष्य पर भी संकट खड़ा हो गया है।

बैठक को  संबोधित करते हुए सुरसा ब्लॉक अध्यक्ष अजय शुक्ला ने कहा कि मोदी सरकार यह कहकर किसानों को ग़ुमराह कर रही है कि इसमें किसान कहीं भी अपनी फसल बेंच सकता है जबकि पहले से ही किसान पूरे देश मे कहीं भी अपनी फसल बेंच सकता है।
बैठक को संबोधित करते हुए निकेश सिंह यादव ने कहा कि मोदी सरकार का दावा करती है उसने किसानों को आजाद कर दिया।जिस भाजपा सरकार में किसानों की अधिकारियों और थानों में कोई सुनवाई नहीं, भाजपा सरकार में किसान जब अधिकारियों और थानों में घुसते डरता हो, उस किसान की भला पूंजीपतियों के सामने कौन सुनेगा?
इस अवसर पर न्याय पँचायत सुरसा अध्यक्ष विनोद कुमार, महेन्द्रपाल, वीरेंद्रकांत तिवारी, मोरध्वज, सरोजनी, सीमा,मुकेश शुक्ला, सरवरी, रामवती, सरोज वर्मा, शिवम वर्मा,नरेश, विवेक, सोमावती, प्रेमा देवी आदि कार्यकर्ता साथी मौजूद रहे।

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