राज्यसभा ने अशोक गस्ती, कपिला वात्स्यायन को श्रद्धांजलि दी, कार्यवाही आधे घंटे के लिए स्थगित

नई दिल्ली। राज्यसभा ने शुक्रवार को अपने मौजूदा सदस्य अशोक गस्ती और पूर्व सदस्य कपिला वात्स्यायन का निधन होने पर उनको श्रद्धांजलि दी और उनके सम्मान में आधे घंटे के लिए कार्यवाही स्थगित कर दी गयी। सभापति एम वेंकैया नायडू ने सुबह उच्च सदन की बैठक शुरू होने पर भाजपा नेता अशोक गस्ती और कपिला वात्स्यायन के निधन का जिक्र किया। गस्ती उच्च सदन में कर्नाटक का प्रतिनिधित्व कर रहे थे वहीं कपिला दो बार उच्च सदन की मनोनीत सदस्य रहीं। नायडू ने कहा कि 55 वर्षीय गस्ती का कल रात एक अस्पताल में निधन हो गया। वह गंभीर रूप से बीमार थे। पेशे से वकील गस्ती छात्र जीवन से सार्वजनिक जीवन में आ गए थे और वह अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़े हुए थे। समाज के पिछड़े वर्गों के उत्थान के लिए काम करने वाले गस्ती ने हाल ही में उच्च सदन की सदस्यता की शपथ ली थी लेकिन वह सदन की कार्यवाही में भाग नहीं ले सके। नायडू ने कहा कि वह गस्ती को उनके छात्र जीवन से ही जानते थे और वह जमीन से जुड़े सामाजिक कार्यकर्ता थे। उन्होंने कहा कि अपने किसी सहयोगी को खोना काफी दुखद होता है। उन्होंने कपिला का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें पद्म विभूषण और राजीव गांधी सद्भावना पुरस्कार सहित कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित किया गया था। उनकी शिक्षा-दीक्षा दिल्ली विश्वविद्यालय, अमेरिका के मिशिगन विश्वविद्यालय और बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में हुई थी। कपिला प्रख्यात शिक्षाविद और भारतीय संस्कृति एवं कला की विशेषज्ञ भी थीं। उनका 16 सितंबर को 91 वर्ष की आयु में निधन हो गया था। सदस्यों ने दिवंगत आत्माओं के सम्मान में कुछ क्षणों का मौन रखा और उसके बाद उनके सम्मान में सदन की कार्यवाही आधे घंटे के लिए स्थगित कर दी गयी।

 

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