जनपद के तीनों टोल प्लाजा पर संयुक्त मासिक पास बनाने की मांग

हापुड़। जनपद के विकास के साथ-साथ नागरिकों को कई समस्याओं से भी जूझना पड़ रहा है। ऐसी ही एक समस्या जनपद में तीन टोल प्लाजा होना है। नागरिकों को जनपद के अंदर ही जाने में तीन स्थानों पर टोल देना पड़ रहा है। इस समस्या के कारण नागरिकों में काफी रोष है। लोगों की मांग है कि स्थानीय लोगों को तीन टोल प्लाजा से गुजरने के लिए एक ही मासिक पास स्वीकृत किया जाए। वर्ष 2011 में हापुड़ जनपद का गठन होने के बाद विगत तीन वर्ष से धीरे-धीरे विकास ने गति पकड़ी है। केन्द्र सरकार द्वारा राष्ट्रीय राजमार्गों को चैड़ा करने और सड़क की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए नए सिरे से सड़कों का निर्माण कराया गया है। जनपद की सीमा के अन्दर होकर राष्ट्रीय राजमार्ग दो गुजरते हैं। मुरादाबाद से दिल्ली जाने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग-9 और मेरठ से आगरा जाने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग-334। इन दोनों राष्ट्रीय राजमार्गों पर तीन स्थानों पर टोल लिया जा रहा है। दिल्ली की ओर जाते समय पिलखुवा के छिजारसी गांव के निकट एक टोल प्लाजा बनाया गया है। इसी मार्ग पर मुरादाबाद जाते समय गढ़मुक्तेश्वर के अल्लाबख्शपुर गांव के निकट भी टोल प्लाजा बनाया गया है। इसके अतिरिक्त बुलन्दशहर जाते समय कुराना गांव के निकट एक टोल प्लाजा राष्ट्रीय राजमार्ग-334 पर बनाया गया है। छिजारसी और उबारपुर टोल प्लाजा की हापुड़ से दूरी 10 से 15 किमी है, जबकि अल्लाबख्शपुर टोल प्लाजा की दूरी गढ़मुक्तेश्वर से लगभग पांच किमी ही है। जनपदवासियों को व्यक्तिगत कार्यों से अक्सर इन टोल प्लाजा को पार करना पड़ता है। इस कारण उन्हें कई बार तो एक ही दिन में तीन-तीन स्थानों पर टोल देना पड़ जाता है, जिससे उन पर काफी आर्थिक बोझ पड़ता है। लोगों की राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से मांग है कि उन्हें एक ही मासिक पास से तीनों टोल प्लाजा से गुजरने की छूट दी जाए। पिलखुवा निवासी दिनेश गुप्ता का कहना है कि वह बीमा एजेन्ट हैं। उन्हें एक ही दिन में कई बार टोल प्लाजा से गुजरना पड़ जाता है। उन्हें कई बार तो एक ही दिन में कई बार छिजारसी और कुराना टोल प्लाजा से गुजरना पड़ता है। हर बार टोल देना महंगा पड़ता है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को तीनों स्थानों पर एक ही मासिक पास को स्वीकृति देनी चाहिए, ताकि लोगों पर अधिक आर्थिक बोझ न पड़े। हापुड़ स्माॅल स्केल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के सचिव अमन गुप्ता का कहना है कि व्यापारियों को अपने व्यापार के सिलसिले में अन्य नगरों में जाना पड़ता है। उन्हें तीनों टोल प्लाजा से होकर गुजरना पड़ता है। मासिक पास बनवाने के बावजूद उन्हें अन्य दो टोल प्लाजा पर अलग से टोल देना पड़ता है। एक ही जनपद में तीन टोल प्लाजा होने के कारण नागरिकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। एक टोल प्लाजा पर बनवाए गए मासिक पास को तीनों टोल प्लाजा पर स्वीकृत किया जाना चाहिए। गढ़मुक्तेश्वर निवासी राकेश कुमार का कहना है कि उन्हें दिन में कई बार अमरोहा और गाजियाबाद जाना पड़ता है। अलग-अलग टोल प्लाजा पर बार-बार टोल देना अथवा जनपद के तीनों टोल प्लाजा पर अलग-अलग मासिक पास बनवाना काफी हानि पहुंचाता है। उन जैसे जनपद में रहने वाले हजारों लोग हैं, जिन्हें अलग-अलग टोल देने के लिए मजबूर होना पड़ता है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को तीनों टोल प्लाजा के लिए एक संयुक्त मासिक पास बनाना चाहिए।

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