भोपाल। मध्यप्रदेश में कोरोना संक्रमण के मामले एक लाख के पास पहुंचने के साथ ही लगातार बढ़ते जा रहे हैं। इस बीच मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आम नागरिकों से कोरोना से बचाव संबंधी गाइडलाइन का गंभीरता से पालन करने का अनुरोध किया है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार श्री चौहान ने कल कोरोना मामले की राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक में कहा कि आम लोग कोरोना संक्रमण की घातकता को समझें और इससे लड़ने के लिए पूरी तरह सतर्क और सजग रहें। हर व्यक्ति को कोरोना से बचाव के लिए आवश्यक सावधानी का गंभीरता से पालन करना होगा। वहीं राज्य के स्वास्थ्य संचालनालय की ओर से कल रात जारी बुलेटिन के अनुसार कल कोरोना संक्रमण के राज्य में 2483 नए मामले सामने आए और इनकी कुल संख्या बढ़कर 90730 हो गयी है। इसके अलावा 29 लोगों की मौत के बाद मरने वालों की कुल संख्या 1791 हो गयी है। नए मामले 2483 आने की तुलना में 1713 व्यक्ति स्वस्थ हुए और अभी तक 67711 व्यक्ति कोरोना संक्रमण को मात दे चुके हैं। राज्य में एक्टिव केस 21228 है और इंदौर, भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर सबसे अधिक संक्रमित शहरों में शामिल हैं। एक्टिव केस लगातार बढ़ने के कारण राज्य में कोरोना से निपटने में लगे रणनीतिकारों की चिंताएं बढ़ रही हैं। कोरोना की संक्रमण दर में भी इजाफा हो रहा है। कल 20855 सैंपल की जांच में 2483 सैंपल पॉजीटिव मिले। यानी कि संक्रमण दर 11.9 प्रतिशत रही। एक माह पहले तक संक्रमण दर अधिकांशत: पांच प्रतिशत के आसपास थी। पिछले एक पखवाड़े के दौरान संक्रमण दर पांच प्रतिशत से लगातार बढ़ती रही और अब यह 11.9 प्रतिशत तक पहुंच गयी है। श्री चौहान ने राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में हुयी समीक्षा बैठक में कहा कि राज्य सरकार कोरोना नियंत्रण और प्रबंधन के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है। चिकित्सक और पैरामेडिकल स्टॉफ भी प्राण-प्रण से लगे हैं। अभी कोरोना की दवा उपलब्ध नहीं है, इसमें समय लगना संभावित है। अत: समाज को इस दिशा में और अधिक गंभीर होना होगा। सामाजिक, धार्मिक, व्यापारिक संगठनों, स्वयंसेवी संस्थाओं को सक्रिय होकर जन-जन को कोरोना से बचाव की सावधानियां अपनाने के लिए प्रेरित करना होगा। यह वातावरण बनाना होगा कि ‘यह मजबूरी नहीं अपने बचाव और सुरक्षा’ के लिए जरूरी है। श्री चौहान ने भोपाल के न्यू मार्केट और दस नंबर क्षेत्र तथा इंदौर के व्यापारियों द्वारा दुकानें खोलने का समय स्वयं सीमित करने और भीड़ नियंत्रण के लिए की गई पहल की सराहना भी की। उन्होंने कहा कि सावधानियां बरतने के इस प्रेरणादायी व्यवहार को राज्य शासन प्रोत्साहित करेगा। श्री चौहान ने कहा कि कोरोना की गंभीर होती स्थिति और सामाजिक व आर्थिक गतिविधियां लंबे समय तक बंद नहीं कर पाने की बाध्यता को देखते हुए दीर्घकालीक रणनीति बनाना आवश्यक है। उन्होंने मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैस को उप समूह बनाकर इस पर कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कोरोना प्रबंधन के लिए शासकीय और निजी अस्पतालों के प्रबंधन, चिकित्सा महाविद्यालयों, विषय-विशेषज्ञों से संवाद कर रणनीति विकसित करने के निर्देश भी दिए। बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेश में कोरोना रिकवरी रेट 75 प्रतिशत है, पर एक्टिव प्रकरणों की संख्या बढ़ रही है। श्री चौहान ने इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन आदि जिलों की जानकारी लेते हुए सजगता एवं सावधानियां बरतने के निर्देश दिए। बैठक में अस्पतालों में बिस्तरों की संख्या व प्रबंधन, संचालित फीवर क्लीनिक, जिला स्तरीय कमाण्ड एंड कंट्रोल सेंटर के कार्यों की समीक्षा भी की गई। राज्य में कोरोना संक्रमण का पहला मामला 20 मार्च को जबलपुर जिले में आया था। इसके बाद से संक्रमण लगातार बढ़ता रहा और इसने सभी 52 जिलों को अपनी चपेट में ले लिया है। राज्य में सबसे अधिक प्रकरण इंदौर जिले में सामने आए हैं। इसके बाद भोपाल जिला, ग्वालियर और जबलपुर जिला शामिल हैं। माना जा रहा है कि अगले चार दिनों में राज्य में कोरोना संक्रमितों की संख्या एक लाख के पार हो जाएगी।


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