• January 18, 2021

पीरियड्स के दौरान क्यों आते हैं चक्कर

 पीरियड्स के दौरान क्यों आते हैं चक्कर

पीरियड्स के दौरान महिलाओं को पेट व कमर दर्द, सिरदर्द, क्रैम्प्स, हद से ज्यादा थकान, पेट फूलना, मांसपेशियों में दर्द, डायरिया या कब्ज जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। वहीं कुछ महिलाओं को इस दौरान बहुत अधिक चक्कर भी आते हैं। चक्कर आने पर सिर घूमने लगता है और आपका संतुलन बिगड़ जाता है। इस दौरान ऐसा लगता है मानो पूरे कमरे घूम रहा हो। हल्के-फुल्के चक्कर आना तो सामान्य है लेकिन ऐसा हद से ज्यादा हो तो यह किसी बीमारी का संकेत हो सकता है। आज हम आपको यही बताएंगे कि पीरियड्स के दौरान महिलाओं को चक्कर क्यों आते हैं।
पीरियड में चक्कर आने के कारण
एनीमिया की दिक्कत
शरीर में खून की कमी होने पर पीरियड्स के दौरान चक्कर आने की समस्या देखने को मिलती है। पीरियड्स में हर महीने शरीर से करीब 2 चम्मच खून निकल जाता है, जिससे एनिमिया की शिकायत नहीं होती। हालांकि इससे ज्यादा ब्लीडिंग हो तो लड़की या महिला एनिमिक हो सकती है। दरअसल, लाल ब्लड सेल्स में आरबीसी (ऑक्सीजन को कैरी करने वाली कोशिकाएं) होती है। ब्लीडिंग के दौरान खून में ऑक्सीजन का गाढ़ापन बढ़ जाती है, जिससे ब्रेन को ऑक्सीजन की कमी हो जाती और चक्कर आने लगते हैं। ऐसे में लड़कियों या महिलाओं को पीरियड्स में आयरन सप्लिमेंट्स लेने चाहिए।
प्रोस्टाग्लैन्डिन्स
प्रोस्टाग्लैन्डिन्स हार्मोन शरीर की कई क्रियाओं के साथ पीरियड्स साइकल को भी कंट्रोल करता है। प्रोस्टाग्लैन्डिन्स में गड़बड़ी के कारण पीरियड्स में क्रैम्प्स सामान्य से ज्यादा गंभीर हो जाते हैं। कई प्रोस्टाग्लैन्डिन्स के कारण गर्भाशय की मांसपेशियों में सिकुडऩ और रक्तवाहिकाएं संकुचित हो जाती है। इससे सिरदर्द और चक्कर की समस्या हो सकती है।
क्रैम्प्स
मासिक धर्म के दौरान गर्भाशय में सिकुडऩ होती है, जिससे उसपर जमी खून की एक परत निकल जाती है। इसे क्रैम्प्स कहा जाता है, जिससे कारण तेज दर्द और चक्कर आते हैं। वहीं अधिक मात्रा में क्रैम्प्स पडऩा एंड्रोमेट्रिओसिस का संकेत भी हो सकता हैं।
माइग्रेन से जुड़ा मासिक धर्म
जिन महिलाओं को माइग्रेन की समस्या है उन्हें पीरियड्स माइग्रेन भी प्रभावित करता है। इसमें भी सामान्य माइग्रेन की तरह आधे सिर में तेज दर्द और चक्कर महसूस होते हैं। यह एस्ट्रोजन हार्मोन के कम या ज्यादा होने की वजह से हो सकते हैं।
शरीर में पानी की कमी
शरीर में पानी की कमी यानि डिहाइड्रेशन की वजह से भी पीरियड्स में चक्कर आ सकते हैं। ऐसे में आप दिनभर में कम से कम 8-9 गिलास पानी जरूर पीएं लेकिन थोड़ा-थोड़ा करके। साथ ही चाय, कॉफी, सोडा और अल्कोहल से दूर रहें।
ब्लड शुगर लेवल का कम होना
ब्लड शुगर कम होना यानि हाइपोग्लाइसीमिया के कारण भी चक्कर महसूस हो सकते हैं। खून में शुगर लेवल कम या ज्यादा होने की वजह से एस्ट्रोजेन हार्मोन पर असर पड़ता है, जिससे चक्कर आने की दिक्कत हो सकती है।
मासिक धर्म में चक्कर आने का इलाज
पीरियड्स में चक्कर आने का इलाज कारण देखकर ही किया जाता है।
1. प्रोस्टाग्लैन्डिन्स होने पर डॉक्टर्स नॉनस्टेरॉयडल एंटी इन्फ्लेमेटरी ड्रग्स दवा देते हैं।
2. क्रैम्प्स की समस्या हो तो डॉक्टर से सलाह लेकर आइबूप्रोफेन दवा ले सकती हैं। इसके अलावा हीटिंग पैड या गर्म पानी की बोतल से भी आराम मिलेगा।
3. पीरियड्स के दौरान हल्की-फुल्की एक्सरसाइज और योग जरूर करें।
4. डाइट में फल, सब्जियां, नट्स लें और कैफीन, अल्कोहल और सिगरेट के सेवन से बचें।
माइग्रेन या एनिमिया की समस्या हो तो…
एनीमिया की समस्या हो तो डॉक्टर से सलाह लेकर आयरन सप्लिमेंट्स लें। वहीं, पीरियड्स माइग्रेन में आप डॉक्टर से सलाह लेकर छै।प्क् या कोई ओर दवा ले सकते हैं। इसके अलावा डाइट में पालक, चुकंदर, दालें, रेड मीट जैसी आयरन युक्त चीजें लें।
ब्लड शुगर लेवल कम हो तो क्या करें?
हाइपोग्लाइसीमिया यानी ब्लड शुगर लेवल कम होने पर फ्रूट जूस पीए। आप चाहे तो मीठी कैंडी भी खा सकते हैं, जिससे ब्लड शुगर कंट्रोल हो जाए और आपको बेहतर महसूस हो।


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