पुलिस प्रसासन ही बना पत्रकरो की जान का दुश्मन…

ब्यूरो रिपोटर

शिवम वर्मा

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी के ब्लॉक बांकेगंज की ग्राम सभा सरकार पुर ग्रांट नंबर 11 तहसील गोला में पुलिस ही बनी पत्रकार की दुश्मन, मारने के लिए पत्रकार को दौड़ाया। पत्रकार को खबर मिली की एक आदमी का शव पेड़ से लटक रहा है। जब पत्रकार मौके पर खबर कवरेज करने के लिए गया, तो वहां जाकर देखा कि संजीत कुमार नाम के व्यक्ति का शव पेड़ पर लटक रहा है, जिसके परिजन उसकी हत्या के पीछे उसके ससुराली जनों का हाथ बता रहे हैं, मगर साथ में पुलिस को भी दोषी मान रहे क्योंकि संजीत कुमार को 1 दिन पहले जान से मार देने की उसके ससुरालियों ने धमकी दी थी, दूसरे दिन उसकी लाश पेड़ से लटकती हुई पाई गई। यह खबर कवरेज करने के दौरान दरोगा अनेक पाल सिंह ने सिपाहियों से कहा कि एक ठंडा लो पहले इन पत्रकार को यहां से भगाओ, जब लोगों ने इसका विरोध किया तो अनेक पाल सिंह ने खुद पत्रकार को गाली देकर और मारकर वहां से भगा दिया। पत्रकारों के साथ पुलिस का ऐसा बर्ताव देखकर गांव वाले भड़क उठे, और दरोगा जी को घेर लिया और मुर्दाबाद- मुर्दाबाद के नारे लगाने लगे, जहां नवागत पुलिस अधीक्षक ने कहा है कि पत्रकारों के साथ कोई दुर्व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इनका सम्मान करो 3 दिन भी नहीं हुआ और दरोगा अनेक पाल सिंह ने पत्रकार का सम्मान कर दिया। क्या पुलिस भाषा में इसी को सम्मान कहते हैं जिसे पुलिस अधीक्षक ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया था। इधर मुख्यमंत्री जी ने कहा है कि पत्रकारों के साथ अभद्रता करने वाले पर जुर्माने के साथ कठोर कार्रवाई की जाएगी, मगर जब इन्हीं के आला अधिकारी पत्रकारों के साथ ऐसा व्यवहार करेंगे तो आम जनता इनका आदर कब करेगी। पूरे पत्रकार समाज में रोष व्याप्त है।

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