कारगिल विजय दिवस पर स्मारिका पर रश्रद्धांजलि दी

लखनऊ। वर्ष मई 1999 में शुरु हुए कारगिल युद्ध पर अन्तत: 26 जुलाई 1999 को हमारी भारतीय सेना को विजय हासिल हुई। 60 दिनो की जंग में कारगिल सेक्टर के सबसे दुर्गम पहाड़ी इलाकों-कारगिल, द्रास वबटालिक पर हमारे भारतीय सैनिकों नें दुश्मन को करारा सबक सिखाया था। देश के लिये शहीद हुए बहादुर सैनिकों की वीरता के कृत्यों को भुलाया नहीं जा सकता। कारगिल दिवस 26 जुलाई को उन्हें याद करने और श्रद्धांजलि देने का दिन है। उत्तर प्रदेश के योद्धाओं में से कैप्टन मनोज पांडेय को मरणोपरांत देश के सर्वोच्च वीरता पुरस्कार परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया। सिपाही (अबसूबेदार) योगेन्द्र सिंह यादव (ग्रेनेडियर्स) को भी परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया। कैप्टन गुर्जिंदर सिंह सूरी को मरणोपरांत महावीर चक्र तथा कैप्टन विजयन्तथा पर, सीएचएम यशवीर सिंह, मेजर मोहित सक्सेना को वीर चक्र से सम्मानित किया गया। उत्तर प्रदेश के 95 कारगिल शहीद सैनिक आश्रितों को उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा कारगिल पेंशन का भुगतान किया जाता है। जिसका वार्षिक व्ययरूपये 69 लाख है। ब्रिगेडियर रवि, निदेशक, निदेशालय सैनिक कल्याण, उत्तर प्रदेश, प्रबंध निदेशक, उत्तर प्रदेश पुर्व सैनिक कल्याण निगम एवं सचिव, उत्तर प्रदेश सैनिक पुनर्वास निधि तथा कर्नल बीएस शुक्ला, जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास अधिकारी लखनऊ तथा समस्त निदेशालय, जिला सैनिक कल्याण के कर्मचारियों द्वारा कारगिल विजय दिवस के अवसर पर दिनांक 24 जुलाई 2020 को बहादुरों के गौरवव सम्मान में जिला सैनिक कल्याण लखनऊ में स्थापित स्मारिका परपुष्पांजलिअर्पितकीगयी।

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