टेस्टिंग की संख्या को बढ़ाकर आगामी 27 जुलाई तक 1 लाख टेस्ट प्रतिदिन किए जाने के निर्देश

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त, श्री आलोक टण्डन ने आज यहां लोक भवन में प्रेस प्रतिनिधियों को सम्बोधित करते हुए बताया कि प्रदेश में विगत 24 घंटों में 2,984 कोविड के नये केस पाये गये हैं। प्रदेश में अब कोविड पाॅजीटिव रोगियों की संख्या 22,452 है। अब तक प्रदेश में 39,903 कोरोना के रोगियों को उपचार के बाद डिस्चार्ज किया जा चुका है। प्रदेश में अब तक 1,387 कोरोना के मरीजों की मृत्यु हुई। प्रदेश में टेस्टिंग का कार्य तेजी से किया जा रहा है। प्रदेश में कल एक दिन में 57,068 सैम्पल की जांच की गयी। इस प्रकार कोविड-19 की अब तक 17,62,416 सैम्पल की जांच की गयी है।

उन्होंने बताया कि पूल टेस्ट के अन्तर्गत कुल 3,484 पूल की जांच की गयी, जिसमें 3242 पूल 5-5 सैम्पल के तथा 242 पूल 10-10 सैम्पल की जांच की गयी। श्री टण्डन ने बताया कि प्रदेश में सर्विलांस की कार्यवाही के अन्तर्गत 1,87,593 सर्विलांस टीम द्वारा 1,34,98,386 घरों के 6,86,73,598 लोगों का सर्वेक्षण किया गया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 56,266 कोविड हेल्प डेस्क स्थापित कर दिये गये है। इन कोविड हेल्प डेस्क के माध्यम से अब तक 81,812 लक्षणात्मक लोग मिले है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के समस्त जनपदों के सभी प्रमुख चिकित्सालयों पर कोविड जांच की सैम्पलिंग के लिए प्रतिदिन मोबाइल वैन भेजे जाने की व्यवस्था की गयी है। इस वैन को कोविड टेस्टिंग वैन का नाम दिया गया है। इस सम्बंध में स्वास्थ्य विभाग द्वारा शासनादेश जारी कर दिया गया है।

श्री टण्डन ने बताया कि मुख्यमंत्री जी ने रैपिड एन्टीजन टेस्ट की संख्या को बढ़ाकर 1 लाख टेस्ट प्रतिदिन किए जाने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने आर.टी.पी.सी.आर. तथा रैपिड एन्टीजन टेस्ट के द्वारा मेडिकल टेस्टिंग की संख्या को बढ़ाने तथा आगामी 27 जुलाई तक कुल टेस्ट की संख्या को 1 लाख टेस्ट प्रतिदिन किए जाने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री जी ने मुख्य सचिव तथा अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य को आज कानपुर नगर तथा झांसी एवं कल 26 जुलाई को प्रयागराज तथा मिर्जापुर मण्डलों में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति की मौके पर समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं। अपर मुख्य सचिव ग्राम्य एवं पंचायती श्री मनोज कुमार सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री जी ने कहा है कि शनिवार व रविवार को प्रदेश में संचालित किए जा रहे विशेष स्वच्छता एवं सेनिटाइजेशन अभियान में कार्यों को प्रभावी ढंग से संचालित किया जाए। नगर विकास, ग्राम्य विकास तथा पंचायतीराज विभागों द्वारा सघन रूप से स्वच्छता सम्बन्धी गतिविधियां सम्पादित की जाए।

उन्होंने बताया कि इस सम्बंध में आज और कल शहरी क्षेत्रों में नगर निगमों द्वारा तथा ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम पंचायतों एवं उनसे जुड़े सफाई कर्मियों द्वारा स्वच्छता का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कोविड की लड़ाई में स्वच्छता एवं सफाई अत्यन्त आवश्यक है और इसमें जनसहभागिता की महत्वपूर्ण भूमिका है। ग्रामीण तथा शहरी क्षेत्रों में सेनिटाइजेशन के साथ-साथ एन्टी लार्वा रसायनों का छिड़काव तथा फाॅगिंग का कार्य कराया जाए। जल जमाव को दूर किया जाए। उन्होंने बताया कि बाढ़ प्रभावित जनपदों में क्लोरीन के टेबलेट उपलब्ध कराने के सभी सम्बंधित मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिये गये हैं। उन्होंने कहा है कि यह भी सुनिश्चित करें कि पीने के लिए डीप बोरवेल वाले हैन्डपम्प का पानी ही उपयोग किया जाय। उन्हांेने कहा कि कोविड-19 तथा संचारी रोगों के नियंत्रण के लिए संचालित इस अभियान को टीम भावना के साथ चलाया जाए।

श्री सिंह ने बताया कि प्रदेश के लगभग 6100 हाॅटस्पाॅट क्षेत्रों में इन्फोर्समेन्ट का कार्य किया जा रहा है। इन हाॅटस्पाॅट क्षेत्रों में लगभग 11 लाख मकानों में 64 लाख लोग रह रहे हैं। इन क्षेत्रों में पूरी सघनता के साथ डोर-टू-डोर स्क्रीनिंग का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जी ने निर्देश दिये हैं कि अस्पतालों के होल्डिंग एरिया में मरीजों को ज्यादा देर तक इन्तजार न करना पड़े इसके लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं। सभी मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं मेडिकल काॅलेजों के प्रधानाचार्य यह सुनिश्चित करें कि आए हुए मरीजों की कम से कम समय में औपचारिकताओं को पूर्ण कराकर उनको स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करायी जाए। श्री सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री जी ने कहा है कि विगत चार माह के दौरान खाद्यान्न वितरण का कार्य पारदर्शी ढंग से हुआ है।

उन्होंने आगामी चरणों में भी खाद्यान्न वितरण कार्य को बेहतर तरीके से सम्पादित किये जाने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने सभी जरूरतमंदों को खाद्यान्न उपलब्ध कराने के निर्देश देते हुये कहा है कि वरिष्ठ अधिकारी वितरण कार्य की नियमित माॅनिटरिंग करें। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री जी ने श्रमिकोंध्कामगारों को रोजगार प्रदान करने की व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि आत्मनिर्भर भारत अभियान के अन्तर्गत रोजगार एवं सेवायोजन के पोर्टल की माॅनिटरिंग के लिए जनपदों में अलग से एक टीम गठित की जाए। उन्होंने बताया कि जल संरक्षण एवं ग्राम्य विकास के अन्तर्गत 03 हजार करोड़ रूपए के सापेक्ष 1045 करोड़ रूपए अब तक खर्च किये जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में चेकिंग अभियान के अन्तर्गत वाहनों की चेकिंग एवं मास्क न पहनने वालों पर जुर्माना करते हुए अब तक लभगग 52 करोड़ रूपए का शमन शुल्क वसूला गया है। उन्होंने कहा कि लोग बिना मास्क के बाहर न निकलें।

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