कोरोना को रोकने में नाकाम रहे सीएमओ डाॅ. नरेन्द्र अग्रवाल पर गिरी गाज

लखनऊ राजधानी लखनऊ सहित पूरे उत्तर प्रदेश को कोरोना संक्रमण बेकाबू होता जा रहा है। जिसके चलते सीएम योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए कई फेरबदल किए है। आखिरकार लखनऊ के सीएमओ डॉ. नरेंद्र अग्रवाल को हटा दिया है। वह सीएमओ पद पर लंबे समय से लखनऊ में जमे हुए थे।लखनऊ में दीन दयाल उपाध्याय चिकित्सालय (महानगर) में सीएमएस पद पर तैनात डाॅक्टर राजेंद्र सिंह को लखनऊ का मुख्य चिकित्साधिकारी बनाया गया है। वहीं डॉ. नरेंद्र अग्रवाल को लोकबंधु अस्पताल भेजा है। डाॅक्टर राजेंद्र सिंह की जगह पर डाॅ रमेश चंद्र सिंह को महानगर बीआरडी का सीएमएस बनाया गया है। इसके साथ ही सिविल समेत तीन अस्पतालों के प्रमुख भी तैनात किए गए हैं।जानकारी के अनुसार करीब 10 दिन के भीतर ही शासन स्तर पर अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी ने दो बार सीएमओ कार्यालय का निरीक्षण किया। विश्वस्त सूत्रों की माने तो अपर मुख्य सचिव गृह ने सीएमओ की कार्यप्रणाली पर असंतुष्टि जताई थी। लेकिन एक वरिष्ठ मंत्री के दखल पर उन पर तुरंत कार्रवाई नहीं की गई थी। लखनऊ सीएमओ के खिलाफ सरकारी मोबाइल न रिसीव करने समेत अन्य शिकायतें लगातार मिल रही थीं। सीएमओ का संघ से पुराना नाता बताया जा रहा है। इसलिए उन पर सख्त कार्रवाई के बजाए उन्हें सीएमओ पद से हटाकर लोकबंधु राजनारायण संयुक्त अस्पताल में परामर्शदाता के रूप में तैनात किया गया है। डाॅक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी अस्पताल (सिविल) की निदेशक एवं प्रमुख अधीक्षक डॉ मधु सक्सेना को बनाया गया है। डॉ मधु मौजूदा समय में महानिदेशालय में निदेशक स्वास्थ्य पद पर तैनात थीं। डाॅ मधु को लोकबंधु राजनारायण संयुक्त अस्पताल के निदेशक का भी कार्यभार सौंपा गया है। सिविल हॉस्पिटल के निदेशक डॉ. डीएस नेगी अब प्रदेश के महानिदेशक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा हैं। इसके अलावा मुरादाबाद जिला अस्पताल की प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ ज्योत्सना उपाध्याय को महानिदेशालय का निदेशक स्वास्थ्य सेवा नियुक्त किया गया है।

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