16 घंटे में दबोचे गए अपहरणकर्ता, कारोबारी का बेटा सकुशल बरामद

करनैलगंज के पान मसाला व्यवसायी के बेटे का बदमाशों ने अपहरण मांगी थी 4 करोड़ की फिरौती

गोंडा। करनैलगंज से पान मसाला कारोबारी के अपह्रत बेटे को वारदात के महज 16 घंटे के भीतर गोंडा पुलिस व एसटीएफ की संयुक्त टीम ने शनिवार की भोर में बदमाशों से हुई मुठभेड़ के बाद सकुशल बरामद कर लिया। पुलिस मुठभेड में दो बदमाश गोली लगने से घायल हुए हैं जबकि इस अपहरणकांड में शामिल एक महिला समेत पांच आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। घायल बदमाशों को इलाज के लिए अस्पताल मे भर्ती कराया गया है। अपहरण के इस सनसनीखेज वारदात के बाद गोंडा समेत पूरे प्रदेश मे हड़कंप मच गया था। वारदात को गंभीरता को अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि प्रदेश के एडीजी लॉ एंड आर्डर प्रशांत कुमार ने एसटीएफ के एसपी सुधीर सिंह के साथ खुद करनैलगंज कोतवाली पहुंचकर प्रेस कांफ़्रेंस कर और मामले का खुलासा किया। वहीं पुलिस की इस सफलता पर अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी ने शासन की तरफ से दो लाख रुपये का पुरस्कार एसटीएफ व गोंडा पुलिस टीम के दिए जाने का ऐलान किया है।

स्वास्थ्य कर्मी बनकर किया था मासूम का अपहरण, मांगी थी 4 करोड़ की फिरौती

गोंडा। करनैलगंज कस्बे के पान मसाला व्यवसायी हरिकुमार गुप्ता के 8 साल के मासूम बेटे का अपहरण फिरौती के लिए किया गया था। शुक्रवार की दोपहर अपहरणकर्ता बदमाश स्वास्थ्य कर्मी बनकर कारोबारी के घर पहुंचे थे और खुद को कोरोना वारियर्स बताकर पहले सभी का नाम पता नोट किया फिर हरिकुमार का मोबाइल नंबर भी नोट किया। इसके बाद मास्क व सेनेटाइजर देने का झांसा देकर कारोबारी के मासूम बेटे को अपनी कार तक से गए थे और फिर उसे पूरा कार मे बैठकर फरार हो गए थे। करीब आधे घंटे बाद एक महिला ने हरिकुमार के मोबाइल पर फोन कर उनके बेटे का अपहरण किए जाने की जानकारी दी और बेटे को वापस लौटाने के बदले में 4 करोड़ रुपये के फिरौती की डिमांड की। महिला ने धमकी भी दी कि यदि पुलिस के पास गए या कोई चालाकी दिखाई तो फिर बेटे की जिंदगी से हाथ धोना पड़ सकता है। इसके बाद कारोबारी के परिवार में कोहराम मच गया। हरिकुमार भागकर पुलिस के पास पहुंचे और बेटे के अपहरण की सूचना दी। मासूम बच्चे के अपहरण की खबर से पुलिस तत्काल हरकत मे आई और मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश में जुट गई।

गोंडा एसपी व एसटीएफ एसपी ने संभाली कमान

गोंडा। कारोबारी के बेटे के अपहरण की खबर को शासन ने भी बेहद गंभीरता से लिया और इसके खुलासे के लिए तत्काल एसटीएफ को निर्देशित किया गय। कानपुर मामले मे किरकिरी करा चुकी पुलिस इस बार कोई चूक नहीं करना चाहती थी इसलिए इसकी कमान गोंडा एसपी राजकरन नैय्यर व एसटीएफ एसपी सुधीर कुमार सिंह ने संभाली। पुलिस ने सबसे पहले जिले की सीमा को सील कर वाहनों की सघन जांच शुरू की। वहीं मोबाइल सर्विलांस के जरिए भी बदमाशों की लोकेशन ट्रेस की जाती रही। इसका नतीजा यह रहा कि बदमाश बच्चे को लेकर जिले के बाहर नहीं जा सके। वह इसी क्षेत्र मे घूमते रहे। शनिवार की भोर में पुलिस ने बदमाशों की लोकेशन ट्रेस कर ली और उन्हे चारो तरफ से घेर लिया। पहले तो बदमाशों ने बच्चे को कार मे छोड़कर भागने का प्रयास किया लेकिन जब सफलता नहीं मिली तो पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस और बदमाशों की इस मुठभेड़ मे दो बदमाश गोली लगने से घायल हो गए। वहीं पुलिस ने इस वारदात मे शामिल एक महिला समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। वारदात मे प्रयोग की गई आल्टो कार, अक पिस्टल व दो तमंचा भी पुलिस ने बरामद किया है।

एडीजी लॉ एंड आर्डर प्रशांत कुमार ने प्रेस कांफ़्रेंस कर किया खुलासा

गोंडा। अपहरण कर इस सनसनीखेज वारदात का खुलासा खुद एडीजी लॉ एंड आर्डर प्रशांत कुमार ने करनैलगंज कोतवाली में प्रेस कांफ़्रेंस कर किया। एडीजी ने बताया कि बदमाशों की गिरफ्तारी के लिए स्थानीय पुलिस के साथ एसटीएफ को भी लगाया गया था। दोनों टीमों की संयुक्त कार्रवाई मे पुलिस ने बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया है और एक महिला समेत 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। शासन की तरफ से पुलिस टीम को 2 लाख रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की है। प्रेस कांफ़्रेंस में एडीजी के साथ एसटीएफ एसपी सुधीर कुमार सिंह, देवी पाटन मंडल के डीआईजी डा राकेश सिंह, पुलिस अधीक्षक राजकरन नैय्यर, अपर पुलिस अधीक्षक महेंद्र कुमार, सीओ करनैलगंज कृपाशंकर कनौजिया, कोतवाल करनैलगंज राजनाथ सिंह एसएपी प्रभारी अतुल चतुर्वेदी समेत एसओजी व एसटीएफ टीम के अफसर मौजूद रहे।

16 घंटे में अपहरण कांड का खुलासा कर पुलिस ने किया डैमेज कंट्रोल

गोंडा। कानपुर में लैब टेक्नीशियन संजात यादव के अपहरण,फिरौती और फिर हत्या के मामले में पूरे प्रदेश मे किरकिरी करा चुकी यूपी पुलिस ने गोंडा के अपहरण की घटना को चुनौती के रूप में लिया और अपहरणकर्ताओं की गिरफ्तारी के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी। जिले के पुलिस अधीक्षक राजकरन नैय्यर समेत एसटीएफ के एसपी सुधीर कुमार सिंह ने खुद इस आपरेशन की कमान संभाली और चप्पे चप्पे पर नजर रखकर आरोपियों के बाहर निकलने के रास्ते बंद कर दिए। गोंडा जिले के एसपी रहे चुके सुधीर कुमार सिंह को यहां रहने का लाभ भी मिला क्योंकि वह इस पूरे क्षेत्र के बारे मे जानकारी रखते थे। पहले जिले की सीमाओं को सील किया गया और फिर पूरी रात सघन चेकिंग अभियान चलाया गया जिससे अपहरणकर्ता करनैलगंज कोतवाली का सीमा मे ही फंसकर रह गए। परिणाम यह रहा कि अपहरण के महज 16 घंटे के भीतर ही शनिवार की भोर में बदमाशों की पारा गांव के पास पुलिय से मुठभेड हो गई। इस मुठभेड़ के लिए पहले से तैयार पुलिस ने न सिर्फ कारोबारी के मासूम बेटे को सकुशल बरामद किया बल्कि सभी बदमाशों को गिरफ्तार भी कर लिया। पुलिस की इस पूरी सफलता को कानपुर घटना की किरकिरी के बाद इसे डैमेज कंट्रोल के रूप में देखा जा रहा है।


वापस मिला बेटा तो लौट आई जिंदगी

गोंडा। 16 घंटे तक बदमाशों के चंगुल से रहने के बाद शनिवार की भोर में जब पुलिस टीम ने मासूम बच्चे को सकुशल बरामद कर उसकी मां को सौंपा तो बदहवास हो चुकी मां की आंखों मे खुशी के आँसू छलक पड़े। एडीजी प्रशांत कुमार ने पहले खुद बच्चे को गोद मे लेकर दुलारा और फिर उसे उसकी मां को सौंप दिया। बेटा वापस मिला तो मां को ऐसा लगा कि जैसे जिंदगी फिर से लौट आई है। मारे खुशी के मासूम की मां प्रेस कांफ़्रेंस में ही फफक फफक कर रो पड़ी।

इन बदमाशों की हुई गिरफ्तारी

गोंडा। कारोबारी के बेटे को अपहरण कर ले जाने वाले बदमाश जिले के परसपुर व करनैलगंज थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं। आरोपी सूरज पांडेय, राजा पांडेय व छवि पांडेय परसपुर थाना क्षेत्र के सालपुर गांव के रहने वाले हैं जबकि दीपू कश्यप सोनवारा व उमेश यादव सकरौरा थाना कोतवाली करनैलगंज के हैं। आरोपियों के पास से एक आल्टो कार, एक पिस्टल व दो देशी तमंचा भी बरामद किया गया है।

उमानाथ तिवारी

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