लखनऊ। वामपंथी दलों-भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (माक्र्सवादी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, भाकपा माले और फारवर्ड ब्लाक की वर्चुअल बैठक सम्पन्न हुई। बैठक के बाद एक प्रेस बयान जारी करते हुए वामदलों ने कहा कि उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था पर भाजपा की योगी सरकार का कोई नियंत्रण नहंीं रह गया है। प्रतिदिन हत्या अपहरण, बलात्कार की बेतहाशा बढ़ती घटनाओं से ऐसा लगता है कि अपराधियों ने कानून व्यवस्था अपने हाथ में ले लिया है। कानपुर पुलिस हत्याकांड, गाजियाबाद में पत्रकार हत्याकांड, फिरौती लेने के बावजूद संजीव यादव की हत्या, दबंगों के अत्याचार से आत्महत्या करते कमजोर लोग, बलात्कार और सामूहिक बलात्कार की बढ़ रही प्रतिदिन घटनाएं आदि साबित करती हैं कि वर्तमान सरकार शासन करने की क्षमता खो चुकी है। कोरोना महामारी से मुकाबले में योगी सरकार कतई गंभीर नहीं है जिसका नतीजा है कि मानवता को शर्मसार करने वाली घटनाएं आम जनता के साथ हो रही हैं। अस्पतालों का चक्कर लगाने में कोरोना संक्रमित दम तोड़ रहे हैं। उन्हें बेड तक नसीब नहीं हो रहा है। अन्य गंभीर बीमारियों से इलाज के अभाव में रोज लोग मारे जा रहे हैं। वामदलों ने कहा कि सभी मोर्चों पर बुरी तरह असफल हो चुकी भाजपा सरकार विरोध को
तानाशाही तरीके से कुचलना चाहती है। प्रदेश को संभालने में अक्षम हो चुकी सरकार के मुख्यमंत्री को इस्तीफा दे देना चाहिए। आगामी 4 अगस्त को वामदल विरोध प्रदर्शन में कानून व्यवस्था के साथ ही कोरोना महामारी से सही ढंग से न निपटने, बिजली मूल्यवृद्धि वापस लेने तथा बिजली बिल माफ करने, दस किलो प्रति व्यक्ति के हिसाब से सभी को राशन देने, जनता के खातों में कम से कम दस हजार सीधे ट्रांसफर करने, आनलाइन शिक्षा के नाम पर गरीब अमीर छात्रों के बीच विभाजन और किसान मजदूर विरोधी कानूनों को वापस लेने के मुद्दों को भी शामिल करेंगे। वामदलों ने इकाईयों से अपील की है कि महामारी व लाकडाउन के मापदंडों को ध्यान में रखते हुए मास्क के साथ 4 अगस्त को जोरदार प्रतिरोध प्रदर्शन करें। वामपंथी दलों की बैठक में भाकपा के राज्य सचिव डा0 गिरीश शर्मा, माकपा के राज्य सचिव डा0 हीरालाल यादव भाकपा माले के राज्य सचिव का0 सुधाकर यादव, फारवर्ड ब्लाक के राज्य संयोजक का0 अभिनव कुशवाहा आदि शरीक रहे।

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