छिदवाड़ा जिले के रेत ठेकेदार नहीं मान रहे मध्यप्रदेश सरकार का कानून

मशीन लगाकर जारी है रंगारी ,परतापुर, रोहना,जिरोला,सावंगा, सायरा, बारादेवी में रेत का अवैध खनन

भाजपा कार्यकर्ता एवं पूर्व विधायक के पुत्र प्रशांत रामराव महाले द्वारा रेत ठेकेदार पर आरोप लगाया गया है कि मध्य प्रदेश सरकार ने आदेश जारी कर नदियों में मशीन लगा कर रेत के खनन पर रोक लगा चुकी है, लेकिन छिदवाड़ा जिले के सौंसर क्षेत्र में रेत ठेकेदारों पर इसका कोई असर नहीं दिख रहा है। दिन-रात मशीनों से रेत निकाल रहे हैं और स्थानीय लोग शिकायत करें तो उन्हें कोई असर नही पड़ रहा है इन सबके बीच प्रशासन हाथ पर हाथ धरे बैठा है।

छिदवाड़ा के सौंसर में रेत के अवैध खनन का मामला

ठेकेदार कन्हान नदियों में मशीन लगाकर निकाल रहे रेत सरकार ने कानून बनाकर मशीनों से खनन पर लगाई है रोक मध्यप्रदेश शासन लाख दावे कर ले कि रेत को लेकर नए नियम बनाए जा रहे हैं लेकिन छिदवाड़ा जिले में नियमों को ताक पर रखकर रेत निकालने का काम जोरों पर है। शासन के नियम कहते हैं कि नदियों में मशीन लगाकर रेत निकालने का काम नहीं किया जाए, लेकिन ठेकेदारों के द्वारा नदियों का सीना छलनी करने का काम लगातार जारी है। खुलेआम रेत नदियों से निकाली जा रही है और जिला प्रशासन आंख बंद करके तमाशा देख रहा है।
छिड़वाड़ा जिले में रेत की लगभग 58 खदानें स्वीकृत हैं लेकिन रेत निकालने के काम में शासन के नियमों का पालन ठेकेदार द्वारा नहीं किया जा रहा है। खदानों में खुलेआम मशीन लगाकर रेत निकालने का काम किया जा रहा है जबकि मध्य प्रदेश शासन मंत्री कमल पटेल जी ने आदेश दिया था कि अगर मशीनों से रेत निकाली जाती है तो जिला प्रशासन ठेकेदारों पर कठोर कार्रवाई करे और ड्रोन कैमरों से वीडियोग्राफी करवाए।
रेत खनन में प्रवासी मजदूरों को काम देना अनिवार्य है, लेकिन ठेकेदार इसका भी पालन नहीं कर रहा है ओर पोकलेड मशीन लगाकर खनन किया जा रहा है ताकि ठेकेदार के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। अब देखना है कि प्रदेश सरकार के आदेश और जिला प्रशासन के प्रयास भारी पड़ते हैं या ठेकेदारो के।

रिपोर्टर पियुष ठाकुर

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