कमिश्नर की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित

  • सागर संभाग के नवागत कमिश्नर श्री जे.के. जैन ने आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में विभागीय कार्यों तथा कोरोना संबंधित व्यवस्थाओं की समीक्षा बैठक लेकर आवश्यक दिशा निर्देश दिए। इस अवसर पर कलेक्टर श्री शीलेन्द्र सिंह, जिला पंचायत सीईओ श्री हिमांशु चन्द्र, एडीएम श्री पी.एस. चौहान, एसडीएम श्री बी.बी. गंगेले सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

    संभागीय कमिश्नर श्री जैन ने जिला प्रशासन द्वारा कोरोना वायरस की रोकथाम हेतु किए जा रहे प्रयासों की प्रशंसा करते हुए आगामी दिनों में भी स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को और बेहतर करने के लिए हर संभव प्रयास किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ विजय पथौरिया को निर्देशित किया कि कोरोना जांच हेतु लिए जा रहे सैम्पल के मापदंड में विस्तार करते हुए कोरोना जांच सैम्पल की संख्या बढ़ाई जाए ताकि हम ऐसे सभी व्यक्तियों की समय रहते जांच कर सकें जो हाई रिस्क कॉन्टेक्ट अंतर्गत आते है या फिर किसी गैर संचारी रोग से ग्रसित है। इसी तरह उन्होनें जिले में फीवर क्लीनिक की संख्या बढ़ाने और साथ ही ज्यादा से ज्यादा प्स्प् एवं ै।त्प् लक्षण वाले मरीजों को इलाज हेतु फीवर क्लीनिक में जाने के लिए जागरुक करने के निर्देश दिए।

    कमिश्नर श्री जैन ने निर्देश दिए कि ब्लॉक लेवल पर कार्यरत मैदानी कर्मचारियों की नियमित बैठक लेकर समीक्षा की जाए। इन बैठकों में सम्बंधित अनुविभागीय अधिकारी भी शामिल रहें। उन्होनें जिले में शत्-प्रतिशत टीकाकरण कराने के भी निर्देश दिए। उन्होनें डॉ पथौरिया को समस्त आँगनवाड़ी केन्द्रों में आवश्यक दवाई एवं ओआरएस के पैकेट की उपलब्धता सुनिश्चित कराए जाने के निर्देश दिए। इसी के साथ उन्होनें स्वास्थ्य विभाग द्वारा क्रियान्वित किए जा रहे अन्य अभियान एवं योजनाओं अंतर्गत किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की।
    कमिश्नर ने जिला प्रशासन एवं कृषि विभाग के उपसंचालक मनोज कश्यप को 115 आकांक्षी जिलों में छतरपुर द्वारा कृषि क्षेत्र में सीड डिस्ट्रीब्यूशन एण्ड एरिया एक्सपेंशन अंडर हाई वैल्यू क्रॉप के अंतर्गत द्वितीय स्थान प्राप्त करने पर बधाई देते हुए प्रशासन द्वारा किए जा रहे प्रयासों की प्रसंशा की। उन्होनें उपसंचालक श्री कश्यप को कृषि क्षेत्र में उद्यानिकी को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। उन्होनें कहा कि हमें खेती को किसानों के लिए लाभकारी बनाना है जिससे किसानों की न केवल उत्पादन क्षमता में बढ़ोत्तरी होगी बल्कि उनकी आय में भी वृद्धि हो सकेगी। कमिश्नर श्री जैन ने निर्देशित किया कि मृदा परीक्षण के उपरान्त किसानों को उचित मार्गदर्शन भी दिया जाए कि वह किस तरह से उर्वरक व खाद का प्रयोग करें जिससे उनका पैसा और समय दोनों की बचत हो सकेगी। इसके लिए जरुरी है कि किसानों को मृदा परीक्षण योजना से मिलने वाले लाभ के बारे में जागरुक किया जाए।

    विकास के लिए विभागीय समन्वय है आवश्यक

    कमिश्नर श्री जैन ने कहा कि जिले में कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, मत्स्य पालन, पोल्ट्री विभाग को समन्वित प्रयास के साथ काम करने की जरुरत है। इससे जिले के किसानों का बेहतर विकास संभव हो सकेगा। साथ ही विभागीय समन्वय से इस संकट के समय को हम अवसर में परिवर्तित कर सकेगें। उन्होनें मनरेगा एवं स्व सहायता समूह के माध्यम से ज्यादा से ज्यादा प्रवासी महिलाओं को रोजगार प्रदान करने के निर्देश दिए। उन्होनें कहा कि आजीविका मिशन अंतर्गत बनाए गए स्व सहायता समूहों के द्वारा महिलाओं के जीवन में एक सामाजिक परिवर्तन आया है जिसे हम सभी को एक बेहतर दिशा में संचालित करने की जरुरत है। कमिश्नर श्री जैन ने निर्देश दिए कि जिले में किसान उत्पादक संगठन (एफ.पी.ओ.) गठित किए जाएं, जिससे किसानों को सशक्त बनाकर उनके अधिकारों को संरक्षण किया जा सकेगा। किसान उत्पादक संगठन (एफ.पी.ओ.) एवं स्व सहायता समूह समग्र रुप से कार्य करके स्थानीय उत्पादों को जिला एवं प्रदेश स्तर पर एक नई पहचान दिलाने के लिए प्रयास कर सकेंगे और इससे रोजगार हेतु बेहतर अवसर भी उपलब्ध कराए जा सकेंगे।
    रिपोर्ट दित्यपाल राजपूत

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