कोरोना के संक्रमण के बीच अब मलेरिया का दंश भी शुरू हो गया है

शहडोल कोरोना के संक्रमण के बीच अब मलेरिया का दंश भी शुरू हो गया है। बारिश शुरू होते ही मलेरिया के मरीज मिलने लगे हैं। मई और जून में बारिश के बाद गांव-गांव मलेरिया के मरीज बढऩे लगे हैं। मई माह में 6 मरीज मिले हैं। जून माह में मलेरिया विभाग सर्वे कर रहा है। अधिकारियों के अनुसार, बारिश के चलते मलेरिया जैसे संक्रामक बीमारियों का भी खतरा बढ़ गया है। जिले में मई माह में 6 मलेरिया के मरीज मिल चुके हैं। इससे बारिश तेज होने पर जून और जुलाई माह में मलेरिया मरीजों की संख्या में और इजाफा होने की आशंका है। हालांकि विभाग सर्वे के साथ स्लाइड तैयार करने में जुटा हुआ है।
पांच माह में 11 मरीज
जिले में जनवरी से लेकर मई माह तक 11 मलेरिया के मरीज अब तक मिल चुके हैं। इसमें जनवरी माह में दो मरीज, मार्च में दो मरीज, अप्रैल में एक मरीज और सबसे ज्यादा मई माह में छह मलेरिया के मरीज मिले हैं। ं जिले में मलेरिया पर रोकथाम के लिए जून माह में विभाग मलेरिया माह मना रहा है। इसके तहत विभाग पिछले वर्ष के एक एपीआई वाले चिन्हित 36 गांवों में दवाओं का छिड़काव करा रहा है। इसके अलावा गांवों में स्वास्थ्य कार्यकर्ता नालों में जमा पानी, पोखरे के जमा पानी में मीठे तेल डाल रही हैं। लोगों को पुराने टायर, पानी टंकी, आस-पास के गड्ढों पर पानी एकत्रित नहीं करने की सलाह दी जा रही है।

सोहागपुर में ज्यादा मरीज मिले
जिले में सबसे ज्यादा सोहागपुर में मलेरिया के मरीज मिले हैं। यहां पर पांच मलेरिया के मरीज मिले हैं। यहां पर 6969 रक्त पट्टिकाओं की जांच में इतने मरीज मिले हैं। इसके बाद जयसिंहनगर और ब्यौहारी में तीन-तीन मलेरिया के मरीज मिले हैं। जयसिंहनगर में 4 हजार 684 रक्त पट्टिकाओं की जांच हुई है जबकि ब्यौहारी में 8 हजार 24 रक्त पट्टिकाओं की जांच की गई है। वहीं बुढार में शून्य मरीज, गोहपारू में शून्य मरीज और शहडोल शहर में भी शून्य मरीज मिले हैं।

मलेरिया मरीजों की रोकथाम के लिए जून माह में मलेरिया माह मनाया जा रहा है। इसके लिए एक एपीआई वाले चिन्हित 36 गांवों दवाओं का छिड़काव किया जा रहा है। स्वास्थ्य कार्यकर्ता नालों, तालाबों में मीठे तेल डाल रही हैं और लोगों को घर और आस-पास के जगहों पर पानी एकत्रित नहीं करने की सलाह दे रही हैं।
डॉ वाइके पासवान, प्रभारी मलेरिया अधिकारी

रोशन लखेरा की रिपोर्ट

blat