दिमाग को स्थायी नुकसान पहुंचा सकता है कोविड-19 : अध्ययन

 

द ब्लाट न्यूज़ । कोविड से जुड़े एक नये अध्ययन में दावा किया गया है कि कोरोना वायरस संक्रमण किसी विशेष मरीज के दिमाग को स्थाई तौर पर नुकसान पहुंचा सकता है।

‘एजिंग रिसर्च रिव्यूज’ में प्रकाशित अध्ययन में यह भी कहा गया है कि कोविड-19 आघात की आशंका को बढ़ा सकता है और इसके कारण मस्तिष्क में लगातार घाव हो सकते हैं जिनके कारण रक्तस्राव का खतरा बढ़ जाता है।

अमेरिका के ह्यूस्टन मेथोडिस्ट रिसर्च के जॉय मित्रा और मुरलीधर एल. हेगडे के नेतृत्व में यह अध्ययन करने वाली टीम का कहना है कि उनके अलावा भी अन्य तमाम रिसर्च में यह सामने आया है कि कोरोना वायरस संक्रमण सिर्फ संक्रमण के दौरान ही नहीं बल्कि उसके बाद भी मरीज को प्रभावित करता है।

 

उनका कहना है कि यह ज्ञात है कि कोरोना वायरस शरीर में अन्य प्रमुख अंगों के साथ-साथ मस्तिष्क को भी प्रभावित करता है।

अध्ययनकर्ताओं का कहना है कि कोरोना वायरस संक्रमण मरीजों में, खास तौर से बुजुर्ग और अन्य संवेदनशील मरीजों में तंत्रिकाओं से संबंधित ऐसी ‘‘न्यूरोडीजेनेरेटिव’’ बीमारियां पैदा कर सकता है जिनके प्रभाव को खत्म नहीं किया जा सकता।

न्यूरोडीजेनेरेटिव बीमारियों में व्यक्ति का दिमाग धीरे-धीरे काम करना बंद कर देता है, जिसके कारण उसके अलग-अलग अंग प्रभावित होते हैं और वे काम करना बंद कर देते हैं।

कोविड से मरने वाले और इस बीमारी को मात देने वाले तमाम लोगों के मस्तिष्क की ‘इमेजिंग’ के विश्लेषण/अध्ययन से पता चला है कि दिमाग के अंदरूनी हिस्सों में बेहद छोटे घावों में होने वाला रक्तस्राव हमारे शरीर के अंगों के कामकाज और याददाश्त को प्रभावित करता है।

 

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