चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 व महिला हेल्पलाइन 181 पर काॅल कर दे सकते हैं सूचना

संवेदना टोल-फ्री परामर्श हेल्पलाइन सेवा 18001212830 से भी किया जा सकता है टेली परामर्श।

सुल्तानपुर:- जिलाधिकारी रवीश गुप्ता द्वारा दिये गये दिशा निर्देशों के क्रम में जिला प्रोबेशन अधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि कोविड-19 महामारी या किसी अन्य कारण जिन बच्चों के माता-पिता की मृत्यु हो गयी है और उनकी देखाभाल करने वाला घर पर कोई नहीं है। ऐसे बच्चों को महिला कल्याण विभाग द्वारा पुर्नवासित कराया जायेगा। जिला प्रोबेशन अधिकारी ने बताया कि विभिन्न विभागों से समन्वय कर अनाथ बच्चों या बेघर हुए ऐसे बच्चों का चिन्हांकन कराया जा रहा है। महिला कल्याण विभाग द्वारा ऐसे बच्चों को ससमय आवश्यक सुविधाएं, सुरक्षा एवं संरक्षण प्रदान करने के लिये नोडल विभाग है तथा महामारी की इन परिस्थितियों में ग्रस्त व चिन्हित बच्चों की उत्तरजीविता, विकास, सुरक्षा तथा हेतु विभाग द्वारा निर्धारित संचालन प्रक्रिया के अनुरूप कार्य किया जायेगा। उन्होंने बताया कि बच्चों को बालगृहों में आवासित करना अंतिम उपाय होगा। इसके पूर्व उन्हें गैर संस्थागत देखभाल (रिश्तेदारों की देखरेख में), फास्टर हेयर, उपयुक्त व्यक्ति या उपयुक्त सुविधा कानूनी रूप से गोद देना जैसे परिवार आधारित देखरेख में रखे जाने के प्रयास किये जायेंगे तथा उनका फालोअप लिया जाता रहेगा। उन्होंने बताया कि विभाग के चिन्हीकरण में वही बच्चें पात्र होंगे, जिनके माता-पिता की कोविड-19 संक्रमण से मृत्यु हो गयी हो। ऐसे बच्चे जिनके माता-पिता कोविड-19 पाजिटिव नहीं पाये गये तथा लक्षण कोविड-19 के समान ही थे और उपचार के दौरान/अभाव में उनकी मृत्यु हो गयी हो। ऐसे बच्चे, जिनके माता-पिता कोविड-19 या किसी अन्य कारण से अस्पताल में भर्ती हों अथवा माता-पिता कोविड-19/समान लक्षणों से होम आइसोलेशन में हों और उनकी देखरेख के लिये कोई न हो। ऐसे बच्चों को विभाग सुविधा प्रदान प्रदान करेगा। जिला प्रोबेशन अधिकारी ने जन सामान्य से अपील करते हुए कहा कि ऐसे जरूरतमंद बच्चों के सम्बन्ध में किसी को कोई भी सूचना मिलती है, तो वह चाइल्ड हेल्पलाइन नम्बर 1098 या महिला हेल्पलाइन 181 अथवा अध्यक्ष बाल कल्याण समिति मो0नं0-8382014428, जिला बाल संरक्षण इकाई, महिला शक्ति केन्द्र एवं जिला प्रोबेशन अधिकारी, कार्यालय मो0न0-7518024030 व सम्बन्धित थाने को दे सकते हैं।उन्होंने कहा कि बच्चों की मदद करें, उन्हें एक सुरक्षित वातावरण दिलाने में सहभागी बने, यह बच्चों का अधिकार है। उन्होंने बताया कि बच्चों को मानसिक स्वास्थ्य तथा मनोसामाजिक परामर्श कराना प्रथम दायित्व है, जिसके क्रम में राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग द्वारा शुरू की गयी ‘संवेदना टोल फ्री परामर्श हेल्पलाइन सेवा 18001212830, से भी टेली परामर्श प्राप्त किया जा सकता है।

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